Ram Mandir Pran Pratishtha Shubh Muhurat 2025: 5 जून 2025 को अभिजीत मुहूर्त में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की गई। “अभिजीत” का अर्थ है—विजेता या विजयी। शास्त्रों में अभिजीत मुहूर्त को हर संकट या बाधा को विक्षिप्त करने वाला समय माना गया है। यही वजह है कि जब भी कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो—विशेषतः मूर्ति-प्रतिष्ठा, पूजा-यज्ञ या गृह-प्रवेश—तो अभिजीत मुहूर्त को सर्वोपरि माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त को शास्त्रीय परंपरा में “विजयी समय” की भी संज्ञा दी गई है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए इस समय को बार-बार चुना जाना इस बात का संकेत देता है कि सनातन धर्म में इस मुहूर्त का कितना खास महत्व होता है। गोरखपुर के प्रख्यात पंडित सुजीत जी महाराज ने इस मुहूर्त के महत्व को विस्तार से बताया है।
5 जून 2025 को प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 11.25 से 11.40 का समय चुना गया। जो कि अभिजीत मुहूर्त का समय था।
अभिजीत मुहूर्त का महत्व
पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार अभिजीत मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त होता है। यह विजय व यश प्राप्ति का मुहूर्त है। यह मुहूर्त 48 मिनट का है जो नक्षत्र काल से 24 मिनट पहले व 24 मिनट बाद का होता है। दिन में ठीक 12 बजे इसी अभिजीत मुहूर्त में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम उस क्षण में प्रकट हुए थे जब अभिजीत मुहूर्त का सबसे शानदार समय होता है। इसलिए सनातन धर्म में इस मुहूर्त का खास महत्व माना जाता है।
प्राण प्रतिष्ठा के लिए बेहद शुभ होता है ये मुहूर्त
किसी भी मन्दिर में विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा से लेकर मन्दिर के अन्य निर्माण में यह मुहूर्त मुख्य होता है। यह ईश्वरीय समय है। यह अमर समय है। यह समय रस, उमंग, तरंग, उत्सव व हृदय में भक्ति के अविरल प्रवाह के संचरण का बेस्ट समय होता है। भक्ति निर्मल व अविरल होती है। सूर्य इस समय नभ में एकदम ऊपर विराजमान होते हैं। सूर्य नारायण का पूर्ण आशीर्वाद अभिजीत मुहूर्त में प्राप्त होता है। यह मुहूर्त यश, कीर्ति, प्रतिष्ठा,अखण्ड सौभाग्य व अविरल-निर्मल आदित्य प्रसाद का है। इस मुहूर्त में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य प्रत्यक्ष श्री विष्णु को प्राप्त होता है। ऐसे कृपालु,भक्तवत्सल व परमसत्ता निराकार व साकार ब्रम्ह भगवान श्री राम का जन्म जिस मुहूर्त में होता हो वह स्वतः ही सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बन जाता है।
