Rahu in Shatabhisha Nakshatra 2026 : वैदिक ज्योतिष में राहु को मायावी, रहस्यमय और अचानक परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। 31 मई 2026 को सुबह 2 बजकर 28 मिनट पर राहु कुंभ राशि में रहते हुए शतभिषा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश कर चुका है। विशेष बात यह है कि शतभिषा नक्षत्र का स्वामी स्वयं राहु है। ऐसे में राहु अपने ही नक्षत्र में काफी शक्तिशाली स्थिति में माना जाएगा। यह गोचर 2 अगस्त 2026 तक रहेगा।
राहु ने बदला नक्षत्र पद
राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ लोगों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, लेकिन कुछ राशियों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों पर इसका अपेक्षाकृत अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि से राहु अष्टम भाव में गोचर कर रहा है। अष्टम भाव को अचानक घटनाओं, गुप्त शत्रुओं, स्वास्थ्य और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का भाव माना जाता है। इस दौरान आपको मानसिक तनाव, अनावश्यक चिंताओं और अचानक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें अपनी सेहत के प्रति विशेष सतर्क रहना चाहिए। निवेश या धन संबंधी मामलों में जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें।
उपाय: प्रतिदिन भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए राहु सप्तम भाव में गोचर कर रहा है। सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। राहु का प्रभाव यहां रिश्तों में भ्रम और गलतफहमी बढ़ा सकता है। विवाहित लोगों को जीवनसाथी के साथ संवाद बनाए रखने की जरूरत होगी। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं। वहीं व्यापारिक साझेदारी में भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी भी महत्वपूर्ण समझौते या अनुबंध को बिना पूरी जांच-पड़ताल के स्वीकार न करें।
उपाय: शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा करें और श्रीसूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए राहु चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव घर, परिवार, माता, संपत्ति और मानसिक सुख का कारक माना जाता है। राहु के प्रभाव से पारिवारिक वातावरण में तनाव या मतभेद की स्थिति बन सकती है। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए अनावश्यक बहस और विवादों से दूर रहना लाभकारी रहेगा।
उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करें और रुद्राभिषेक करवाएं।
इस दौरान क्या करें
राहु का प्रभाव हमेशा नकारात्मक नहीं होता, लेकिन यह व्यक्ति को भ्रमित कर सकता है। इस कारण 2 अगस्त तक कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि के लोगों को बड़े फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। क्रोध, अहंकार और जल्दबाजी से बचें। नियमित रूप से भगवान शिव की उपासना, राहु मंत्र का जाप और जरूरतमंदों की सहायता करने से राहु के अशुभ प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
