Ancestors Photo Direction: कहा जाता है कि हमारी सुख-समृद्धि के पीछे हमारे पूर्वजों का भी हाथ होता है। ऐसा माना जाता है कि पूर्वजों के आशीर्वाद से अच्छी संतान का जन्म होता है। पितरों की कृपा से जीवन में समृद्धि आती है। इसीलिए आज भी हर घर में पूर्वजों की तस्वीरें लगाई जाती हैं। घर में पूर्वजों की तस्वीरें लगाना शुभ माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार पितरों की तस्वीरें कहां और किस दिशा में लगानी चाहिए यह समझ लें। गलत दिशा में लगाने पर पितृ और वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानें पूर्वजों की तस्वीरें कहां लगाएं।
Pitru Paksha 2023: पितरों की तस्वीर लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
यहां न लगाएं तस्वीर: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पूजा स्थल के पास पूर्वजों की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। पूजा घर में पूर्वजों की तस्वीरें लगाना अशुभ माना जाता है। शयनकक्ष, रसोईघर या ड्राइंग रूम में पितरों की तस्वीर लगाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के जीवन में दरिद्रता आ सकती है। साथ ही वास्तुदोष भी शुरू हो सकता है।
जीवित व्यक्तियों के पास नहीं
वास्तु के अनुसार परिवार में पूर्वजों की तस्वीरें भूलकर भी किसी जीवित व्यक्ति के पास नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को परेशानी हो सकती है। साथ ही किसी को कोई गंभीर बीमारी भी हो सकती है। पितृदोष भी बढ़ सकता है। इसके साथ ही घर में पूर्वजों की ज्यादा तस्वीरें भी नहीं रखनी चाहिए।
इस दिशा में लगाएं पूर्वजों की तस्वीरें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्वजों की तस्वीरें लगाने के लिए दक्षिण दिशा सही दिशा मानी गई है। अर्थात फोटो का मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए, यदि फोटो उत्तर में लगाएंगे तो उसका मुख दक्षिण की ओर होगा। इसलिए घर की उत्तर दिशा में पूर्वजों की तस्वीर लगानी चाहिए। प्रत्येक अमावस्या तिथि पर शाम के समय दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाने से पितरों का मार्ग रोशन होता है। पितरों के संतुष्ट और प्रसन्न होने से परिवार में क्लेश कम होंगे, साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
