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Paush Purnima Vrat katha in Hindi, (पूर्णिमा व्रत कथा): पौष पूर्णिमा आज, यहां पढ़ें पूर्णिमा व्रत कथा, मून राइज टाइम टुडे आज चाँद कितने बजे निकलेगा

सृष्टिUpdated Jan 4, 2026, 07:58 IST

Paush Purnima Vrat katha in Hindi (पूर्णिमा व्रत कथा), Puranmashi Par Satyanarayan ki katha (सत्यनारायण की कथा ), Vishnu ji ki Aarti (विष्णु जी की आरती ) Puja Vidhi (पूर्णिमा की आरती): पौष पूर्णिमा के इस शुभ दिन पर यहां आज के स्नान और दान का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त,पौष पूर्णिमा की व्रत कथा से साथ-साथ पूर्णिमा व्रत की आरती भी मौजूद है। इसके अलावा आज के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा का महत्व है, इसलिए यहां सत्यनारायण जी की कथा और आरती भी दी गई है।, ब्रह्म मुहूर्त- 05:25 AM से 06:20 AM, अभिजीत मुहूर्त- 12:05 PM से 12:46 PM, विजय मुहूर्त- 02:09 PM से 02:51 PM, अमृत काल- 08:33 AM से 09:58 AM, निशिता मुहूर्त- 11:58 PM से 12:53 AM, जनवरी 04

Paush Purnima Vrat katha in Hindi, (पूर्णिमा व्रत कथा): पौष पूर्णिमा आज, यहां पढ़ें पूर्णिमा व्रत कथा, मून राइज टाइम टुडे आज चाँद कितने बजे निकलेगा
Paush Purnima Vrat katha in Hindi, (पूर्णिमा व्रत कथा): पौष पूर्णिमा आज, यहां पढ़ें पूर्णिमा व्रत कथा, मून राइज टाइम टुडे आज चाँद कितने बजे निकलेगा

Paush Purnima Vrat katha in Hindi (पूर्णिमा व्रत कथा), Puranmashi Par Satyanarayan ki katha (सत्यनारायण की कथा), Vishnu ji ki Aarti (विष्णु जी की आरती) Puja Vidhi, Mantra (विष्णु जी के 108 नाम): आज यानी 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा का शुभ दिन है। धर्म ग्रंथों में इस पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। इस दिन नदियों में स्नान करने और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। चूंकि पौष सूर्य का महीना माना जाता है और वहीं पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि होती है। अत: एक पौष पूर्णिमा तिथि ही ऐसी होती है जिस दिन सूर्य और चंद्रमा का अद्भुत संगम होता है। ऐसे में इस दिन सूर्य और चंद्रमा की पूजा करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यहां से आप पौष पूर्णिमा की पूजा से जुड़ी सारी जानकारी ले सकते हैं।

पौष पूर्णिमा स्नान और दान का शुभ मुहूर्त 2026

पौष पूर्णिमा व्रत कथा-

पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिका नामक नगरी में चंद्रहाश नामक राजा राज करता था। उसी नगर में धनेश्वर नामक एक ब्राम्हण था और उसकी पत्नी अति सुशील और रूपवती थी। घर में धन धान्य आदि की कोई कमी नहीं थी। परंतु उसे एक बात का बहुत दुख था कि उनकी कोई संतान नहीं है। एक बार गांव में एक योगी आया और उसने ब्राम्हण का घर छोड़कर आसपास के सभी घरों से भिक्षा लिया और गंगा किनारे जाकर भोजन करने लगा। अपने भिक्षा के अनादर से दुखी होकर धनेश्वर योगी के पास जा पहुंचा और इसका कारण पूछा। योगी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि निसंतान के घर की भीख पतितों के अन्न के समान होती है और जो पतितों के घर का अन्न खाता है वो भी पतित हो जाता है। पतित हो जाने के भय से वह उस ब्राह्मण के घर से भिक्षा नहीं लेता था। इसे सुन धनेश्वर बेहद दुखी हुआ और उसने योगी से संतान प्राप्ति का उपाय पूछा। उन्होंने बताया कि तुम मां चण्डी की अराधना करो, इसे सुन वह चण्डी की अराधना करने के लिए वन में चला गया और नियमित रूप से चण्डी की अराधना कर उपवास करने लगा। इससे प्रसन्न होकर मां चण्डी ने सोलहवें दिन ब्राह्मण को स्वप्न में दर्शन दिया और पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। उन्होंने कहा कि यदि तुम दोनों लगातार 32 पूर्णिमा व्रत करोगे तो तुम्हारा संतान दीर्घायु हो जाएगा। इस प्रकार पूर्णिमा का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विशेष फल की प्राप्ति होती है।

पौष पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं 2026

पौष पूर्णिमा आरती, सत्यनारायण भगवान की आरती-

जय लक्ष्मी रमणा, श्री लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी जन-पातक-हरणा।। जय..

रत्नजटित सिंहासन अद्भुत छबि राजै।
नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजै।। जय..

प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दरस दियो।
बूढ़े ब्राह्मण बनकर कंचन-महल कियो।। जय.।।

दुर्बल भील कठारो, जिनपर कृपा करी।
चन्द्रचूड़ एक राजा, जिनकी बिपति हरी।। जय..

वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्हीं।
सो फल भोग्यो प्रभुजी फिर अस्तुति कीन्हीं।। जय..

भाव-भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धरयो।
श्रद्धा धारण कीनी, तिनको काज सरयो।। जय..

ग्वाल-बाल संग राजा वन में भक्ति करी।
मनवांछित फल दीन्हों दीनदयालु हरी।। जय..

चढ़त प्रसाद सवायो कदलीफल, मेवा।
धूप-दीप-तुलसी से राजी सत्यदेवा।। जय..

श्री सत्यनारायण जी की आरती जो कोई नर गावै।
तन-मन-सुख-संपत्ति मन-वांछित फल पावै।। जय..

भगवान शिव के 108 नाम (Lord Shiva 108 Names)

ॐ भोलेनाथ नमः
ॐ कैलाश पति नमः
ॐ भूतनाथ नमः
ॐ नंदराज नमः
ॐ नन्दी की सवारी नमः
ॐ ज्योतिलिंग नमः
ॐ महाकाल नमः
ॐ रुद्रनाथ नमः
ॐ भीमशंकर नमः
ॐ नटराज नमः
ॐ प्रलेयन्कार नमः
ॐ चंद्रमोली नमः
ॐ डमरूधारी नमः
ॐ चंद्रधारी नमः
ॐ मलिकार्जुन नमः
ॐ भीमेश्वर नमः
ॐ विषधारी नमः
ॐ बम भोले नमः
ॐ ओंकार स्वामी नमः
ॐ ओंकारेश्वर नमः
ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः
ॐ विश्वनाथ नमः
ॐ अनादिदेव नमः
ॐ उमापति नमः
ॐ गोरापति नमः
ॐ गणपिता नमः
ॐ भोले बाबा नमः
ॐ शिवजी नमः
ॐ शम्भु नमः
ॐ नीलकंठ नमः
ॐ महाकालेश्वर नमः
ॐ त्रिपुरारी नमः
ॐ त्रिलोकनाथ नमः
ॐ त्रिनेत्रधारी नमः
ॐ बर्फानी बाबा नमः
ॐ जगतपिता नमः
ॐ मृत्युन्जन नमः
ॐ नागधारी नमः
ॐ रामेश्वर नमः
ॐ लंकेश्वर नमः
ॐ अमरनाथ नमः
ॐ केदारनाथ नमः
ॐ मंगलेश्वर नमः
ॐ अर्धनारीश्वर नमः
ॐ नागार्जुन नमः
ॐ जटाधारी नमः
ॐ नीलेश्वर नमः
ॐ गलसर्पमाला नमः
ॐ दीनानाथ नमः
ॐ सोमनाथ नमः
ॐ जोगी नमः
ॐ भंडारी बाबा नमः
ॐ बमलेहरी नमः
ॐ गोरीशंकर नमः
ॐ शिवाकांत नमः
ॐ महेश्वराए नमः
ॐ महेश नमः
ॐ ओलोकानाथ नमः
ॐ आदिनाथ नमः
ॐ देवदेवेश्वर नमः
ॐ प्राणनाथ नमः
ॐ शिवम् नमः
ॐ महादानी नमः
ॐ शिवदानी नमः
ॐ संकटहारी नमः
ॐ महेश्वर नमः
ॐ रुंडमालाधारी नमः
ॐ जगपालनकर्ता नमः
ॐ पशुपति नमः
ॐ संगमेश्वर नमः
ॐ दक्षेश्वर नमः
ॐ घ्रेनश्वर नमः
ॐ मणिमहेश नमः
ॐ अनादी नमः
ॐ अमर नमः
ॐ आशुतोष महाराज नमः
ॐ विलवकेश्वर नमः
ॐ अचलेश्वर नमः
ॐ अभयंकर नमः
ॐ पातालेश्वर नमः
ॐ धूधेश्वर नमः
ॐ सर्पधारी नमः
ॐ त्रिलोकिनरेश नमः
ॐ हठ योगी नमः
ॐ विश्लेश्वर नमः
ॐ नागाधिराज नमः
ॐ सर्वेश्वर नमः
ॐ उमाकांत नमः
ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः
ॐ त्रिकालदर्शी नमः
ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः
ॐ महादेव नमः
ॐ गढ़शंकर नमः
ॐ मुक्तेश्वर नमः
ॐ नटेषर नमः
ॐ गिरजापति नमः
ॐ भद्रेश्वर नमः
ॐ त्रिपुनाशक नमः
ॐ निर्जेश्वर नमः
ॐ किरातेश्वर नमः
ॐ जागेश्वर नमः
ॐ अबधूतपति नमः
ॐ भीलपति नमः
ॐ जितनाथ नमः
ॐ वृषेश्वर नमः
ॐ भूतेश्वर नमः
ॐ बैजूनाथ नमः
ॐ नागेश्वर नमः


पौष पूर्णिमा आज, नोट करें स्नान और दान का शुभ मुहूर्त, आज नहाने का शुभ मुहूर्त

पौष पूर्णिमा दान का शुभ मुहूर्त (Paush Purnima Daan Shubh Muhurat)-

ब्रह्म मुहूर्त- 05:25 AM से 06:20 AM
अभिजीत मुहूर्त- 12:05 PM से 12:46 PM
विजय मुहूर्त- 02:09 PM से 02:51 PM
अमृत काल- 08:33 AM से 09:58 AM
निशिता मुहूर्त- 11:58 PM से 12:53 AM, जनवरी 04

पूर्णिमा व्रत कथा | आज क्या है 3 जनवरी 2026 को, आज पौष पूर्णिमा है क्या, आज पूर्णिमा पर ग्रहण लग रहा है क्या, आज कौन सा व्रत रहेगा |

JAN 03, 2026 18:15 IST

Paush Purnima 2026 Live: भगवान सत्यनारायण जी की आरती

जय लक्ष्मी रमणा, श्री लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी जन-पातक-हरणा।। जय..

रत्नजटित सिंहासन अद्भुत छबि राजै।
नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजै।। जय..

प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दरस दियो।
बूढ़े ब्राह्मण बनकर कंचन-महल कियो।। जय.।।

दुर्बल भील कठारो, जिनपर कृपा करी।
चन्द्रचूड़ एक राजा, जिनकी बिपति हरी।। जय..

वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्हीं।
सो फल भोग्यो प्रभुजी फिर अस्तुति कीन्हीं।। जय..

भाव-भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धरयो।
श्रद्धा धारण कीनी, तिनको काज सरयो।। जय..

ग्वाल-बाल संग राजा वन में भक्ति करी।
मनवांछित फल दीन्हों दीनदयालु हरी।। जय..

चढ़त प्रसाद सवायो कदलीफल, मेवा।
धूप-दीप-तुलसी से राजी सत्यदेवा।। जय..

श्री सत्यनारायण जी की आरती जो कोई नर गावै।
तन-मन-सुख-संपत्ति मन-वांछित फल पावै।। जय..
JAN 03, 2026 18:00 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि

  • पौष पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें।
  • स्नान के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद भगवान मधुसूदन की विधि विधान पूजा करनी चाहिए और उन्हें तरह-तरह के नैवेद्य अर्पित करें।
  • इस दिनजरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर दान-दक्षिणा अवश्य देना चाहिए।
  • इस दिन तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्रों का दान बेहद शुभ माना जाता है।
  • अगर पूर्णिमा व्रत रखा है तो चंद्रमा को अर्घ्य जरूर चढ़ाएं। इसके बाद ही अपना व्रत खोलें।
JAN 03, 2026 17:45 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा की कथा

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार दुर्गम नामक दैत्य ने तीनों लोक में अपने आतंक से हाहाकार मचा दिया था। इस वजह से करीब सौ वर्षों तक बारिश ना होने के कारण धरती पर अकाल पड़ गया था, लोग अन्न व जल के अभाव से अपने प्रांण त्याग रहे थे। तब मां दुर्गा ने सभी देवी देवताओं की विनती से शाकंभरी के रूप में धरती पर अवतार लिया। कहा जाता है कि माता की सौ आंखे थी, माता ने जन्म लेते ही रोना शुरू कर दिया था। माता के आंसू से पूरी धरती जलमग्न हो गई और एक बार फिर पृथ्वी पर जल की पूर्ती हुई। इसके बाद माता दुर्गम नामक दैत्य का अंत कर दिया।
JAN 03, 2026 17:30 IST

Paush Purnima 2026 Live: विष्णू जी की आरती

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ओम जय जगदीश हरे...

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आश करूँ मैं जिसकी॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम पूरन परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ओम जय जगदीश हरे...

दीनबन्धु दुख हरता, ठाकुर तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ओम जय जगदीश हरे...

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ओम जय जगदीश हरे...

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे॥
JAN 03, 2026 17:15 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा मंत्र

1. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय”

2. “ऊं नमो नारायणाय”

3. ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

4. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।

5. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।
JAN 03, 2026 16:50 IST

Paush Purnima 2026 Live: चंद्र देवता की आरती

ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा.
दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी.
ॐ जय सोम देवा...

रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी.
दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी.
ॐ जय सोम देवा...


जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे.
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि.
ॐ जय सोम देवा...


योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें.
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा.
ॐ जय सोम देवा...


वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी.
प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी.
ॐ जय सोम देवा...


शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी.
धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे.
ॐ जय सोम देवा...


विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी.
सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें.
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा.
JAN 03, 2026 15:31 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा पर स्नान क्यों किया जाता है?

मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
JAN 03, 2026 14:09 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा के उपाय

पौष पूर्णिमा पर सूर्य-चंद्रमा और लक्ष्मी-नारायण की पूजा करनी चाहिए। इसके लिए गंगाजल से स्नान, पीपल और तुलसी पूजा, चंद्रमा को दूध-चावल से अर्घ्य और कौड़ियों का प्रयोग करना जैसे उपाय कर सकते हैं।
JAN 03, 2026 13:12 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा पर क्या दान करना चाहिए

पौष पूर्णिमा के दिन अन्न, गर्म कपड़े, तिल-गुड़, घी, मिठाई, चावल, दूध, चांदी, जूते-चप्पल और धन का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंद को कंबल का दान करना विशेष पुण्यदायी होता है।
JAN 03, 2026 12:21 IST

Paush Purnima 2026 Live: सत्यनारायण भगवान की आरती

॥ जय लक्ष्मी रमणा ॥

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा।
जय लक्ष्मी रमणा॥

रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे।
नारद करत निराजन, घंटा ध्वनि बाजे।
जय लक्ष्मी रमणा॥

प्रकट भए कलिकारण, द्विज को दर्श दियो।
बूढ़े ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो।
जय लक्ष्मी रमणा॥

दुर्बल को तुम बल देते, निर्धन धन पावे।
रोग शोक सब हरते, भक्तन मन भावे।
जय लक्ष्मी रमणा॥

वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्ही।
सो फल भोग्यो प्रभु जी, फिर स्तुति कीन्ही।
जय लक्ष्मी रमणा॥

भाव भक्ति के संग जो, कथा सुने आवे।
सो निश्चय सुख संपत्ति, सब कुछ फल पावे।
जय लक्ष्मी रमणा॥

जो सत्यनारायण की, आरती गावे।
सो निश्चित वैकुंठ, परम पद पावे।
जय लक्ष्मी रमणा॥
JAN 03, 2026 11:38 IST

Paush Purnima 2026 Live: माता लक्ष्मी की आरती

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि पाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनी, तुम ही शुभ दाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भव-निधि की त्राता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर तुम रहती हो, तांहि में हैं सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे ही आता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण सुन्दर तुमको, नहीं कोई पाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता।
JAN 03, 2026 11:16 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा का महत्व

हिंदू धर्मिक मान्यताओं के अनुसार पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह आध्यात्मिक उन्नति, मन की शांति और सभी कष्टों से मुक्ति के लिए एक खास दिन है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा की विशेष पूजा से मोक्ष मिलता है, वहीं पवित्र नदियों में स्नान से हमारे सभी पाप धुलते हैं।
JAN 03, 2026 11:00 IST

Paush Purnima 2026 Live: 2026 में पूर्णिमा कब है

साल 2026 की पहली पूर्णिमा यानी पौष पूर्णिमा (3 जनवरी, 2026) को पड़ रही है। इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है।
JAN 03, 2026 10:43 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए

पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों मे स्नान, सूर्य और चंद्रमा की पूजा, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन, सत्यनारायण की कथा और गरीब और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।
JAN 03, 2026 10:33 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा व्रत की आरती

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे।

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का।
ओम जय जगदीश हरे...

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आश करूँ मैं जिसकी।
ओम जय जगदीश हरे...

तुम पूरन परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी।
ओम जय जगदीश हरे...

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता।
ओम जय जगदीश हरे...

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति।
ओम जय जगदीश हरे...

दीनबन्धु दुख हरता, ठाकुर तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे।
ओम जय जगदीश हरे...

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा।
ओम जय जगदीश हरे...

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे।
JAN 03, 2026 10:24 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा व्रत कथा

पौष पूर्णिमा व्रत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इस दिन मुख्य रूप से एक निसंतान ब्राह्मण धनेश्वर और उसकी पत्नी रूपवती की कहानी सुनाई जाती है। जो संतान प्राप्ति के लिए चंडी देवी की आराधना करते हैं और 32 पूर्णिमाओं का व्रत रखते हैं। इस तरह उन्हें पुत्र और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
JAN 03, 2026 10:15 IST

Paush Purnima 2026 Live: विष्णू जी की आरती

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ओम जय जगदीश हरे...

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आश करूँ मैं जिसकी॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम पूरन परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ओम जय जगदीश हरे...

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ओम जय जगदीश हरे...

दीनबन्धु दुख हरता, ठाकुर तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ओम जय जगदीश हरे...

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ओम जय जगदीश हरे...

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे॥
JAN 03, 2026 10:08 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा स्नान का समय

3 जनवरी, 2026 को पौष पूर्णिमा का पर्व है। इस दिन स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:25 बजे से 6:20 बजे तक) सबसे शुभ है, इसके बाद अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 12:05 बजे से 12:46 बजे तक) भी उत्तम है।
JAN 03, 2026 10:00 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा 2026 की तिथि

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 जनवरी 2026, सायं 6:53 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 जनवरी 2026, दोपहर 3:32 बजे
JAN 03, 2026 09:45 IST

Paush Purnima 2026 Live: पौष पूर्णिमा के मंत्र

1. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय”

2. “ऊं नमो नारायणाय”

3. ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

4. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।

5. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।