Rudraksha: मन की शांति के लिए जिसे रुद्राक्ष समझ पहन रहे हैं, वो भद्राक्ष तो नहीं! ऐसे पहचानें

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  • Updated Nov 2, 2022, 09:11 AM IST

हिंदू धर्म में रुद्राक्ष का विशेष महत्व है। मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। बहुत कम लोग होते हैं जिन्होंने ‘भद्राक्ष’ के विषय में सुना होता है। भद्राक्ष भी दिखने में रुद्राक्ष की तरह होता है, लेकिन दोनों में कुछ असमानताएं होती हैं। इसलिए जानना जरूरी है कि भद्राक्ष और रुद्राक्ष में अंतर कैसे करें।

KEY HIGHLIGHTS
  • रुद्राक्ष गोलकार और भद्राक्ष अंडाकार होता है
  • भद्राक्ष निम्न कोटि व रुद्राक्ष का अन्य रूप होता है
  • पानी में डालते ही हो जाती है असली रुद्राक्ष की पहचान

Difference between Rudraksha and Bhadraksh: सनातन हिंदू धर्म के अनुसार रुद्राक्ष भगवान शिवजी को अतिप्रिय है। धार्मिक कथाओं के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से मानी जाती है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में रुद्राक्ष को मन की शांति, हृदय संबंधित बीमारी और तनाव दूर करने लिए धारण करने की सलाह दी जाती है। पूजा में मंत्रों का जाप करने के लिए भी रुद्राक्ष की माला महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इन सभी चीजों का लाभ तभी प्राप्त होता है, जब आप असली रुद्राक्ष का उपयोग करते हैं। आजकल बाजारों में नकली रुद्राक्ष की बिक्री भी खूब हो रही है।

Rudraksh

जानें रुद्राक्ष और भद्राक्ष में अंतर

लेकिन हम बात कर रहें है भद्राक्ष के बारे में जोकि रुद्राक्ष की निम्न कोटि का होता है। इसे रुद्राक्ष का ही अन्य रूप माना जाता है। रुद्राक्ष और भद्राक्ष में कुछ चीजों का अंतर होता है जिसे जानकर आप असली रुद्राक्ष और भद्राक्ष में आसानी से पहचान कर सकते हैं।

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