Maa Kalratri Ki Aarti (माता कालरात्रि की आरती): नवरात्रि के सातवें दिन की देवी हैं मां कालरात्रि। इनकी पूजा में लाल रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन देवी को लाल रंग के वस्त्र जरूर अर्पित करें साथ ही खुद भी इस रंग के कपड़े पहनें। इसी के साथ लाल रंग के फूल भी जरूर चढ़ाएं। मान्यता है जो कोई भी मां कालरात्रि की विधि विधान पूजा करता है उसे अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता। साथ ही सौभाग्य में भी बढ़ोतरी होती है। यहां देखिए मां कालरात्रि की आरती।
Kalratri Mata Ki Aarti Lyrics
मां कालरात्रि की आरती (Maa Kalratri Ki Aarti)
कालरात्रि जय-जय-महाकाली ।
काल के मुह से बचाने वाली ॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा ।
महाचंडी तेरा अवतार ॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा ।
महाकाली है तेरा पसारा ॥
खडग खप्पर रखने वाली ।
दुष्टों का लहू चखने वाली ॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा ।
सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥
सभी देवता सब नर-नारी ।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥
रक्तदंता और अन्नपूर्णा ।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥
ना कोई चिंता रहे बीमारी ।
ना कोई गम ना संकट भारी ॥
उस पर कभी कष्ट ना आवें ।
महाकाली माँ जिसे बचाबे ॥
तू भी भक्त प्रेम से कह ।
कालरात्रि माँ तेरी जय ॥
मां कालरात्रि मंत्र (Mata Kalratri Mantra)
क्लीं ऐं श्रीं कालिकायै नम:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:
मां कालरात्रि की पूजा से शनि दोष से मिलेगा छुटकारा
ज्योतिष मान्यताओं अनुसार मां कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं। ऐसे में इनकी विधिवत पूजा से शनि से जुड़ों दोषों से मुक्ति मिल जाती है। जिनके ऊपर शनि की महादशा चल रही है उन्हें मां कालरात्रि की पूजा जरूर करनी चाहिए।
