Nautapa 2026: 25 मई दिन सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगा। इस दौरान सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिसके कारण गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। ज्योतिष शास्त्र में नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि यह सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से जुड़ा होता है और इन 9 दिनों में सूर्य का प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है। इसका असर देशभर में साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी से मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षी भी परेशान हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान किए गए कुछ विशेष उपाय सूर्यदेव को प्रसन्न करते हैं और जीवन में सुख, स्वास्थ्य, ऊर्जा व सकारात्मकता लेकर आते हैं। आइए जानते हैं नौतपा में किए जाने वाले खास उपाय (Surya Dev Remedies) जो आपको सूर्यदेव का खास आशीर्वाद दिला सकते हैं।
नौतपा में सूर्य पूजन के उपाय
सूर्यदेव को अर्घ्य दें
नौतपा के नौ दिनों में सूर्य का प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है, जिसका असर व्यक्ति के जीवन पर भी देखने को मिलता है। ऐसे में सूर्य के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए रोजाना सूर्यदेव को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। जल में थोड़ा सा गुड़ और अक्षत मिलाकर अर्घ्य देने से सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि इस उपाय से आत्मविश्वास बढ़ता है, ऊर्जा मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो या जीवन में सूर्य से जुड़े कष्टों का सामना करना पड़ रहा हो, तो श्रद्धा और नियमपूर्वक आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इसके नियमित पाठ से सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है, मानसिक तनाव कम होता है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही कार्यक्षेत्र में सफलता के अवसर बढ़ते हैं और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।
पिता की सेवा करें
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को मान-सम्मान, आत्मविश्वास और पिता का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में नौतपा के दौरान सूर्य की कृपा बनाए रखने के लिए पिता की सेवा और सम्मान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। घर से बाहर निकलने से पहले प्रतिदिन पिता का आशीर्वाद लेने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस उपाय को अपनाने से रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और जीवन में सफलता व उन्नति के नए रास्ते खुलते हैं।
शीतल पेय और शर्बत दान करें
नौतपा के नौ दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है, इसलिए इस दौरान जल, शरबत और ठंडी वस्तुओं का दान करना बेहद पुण्यदायी माना गया है। साथ ही अपनी क्षमता अनुसार गायों और अन्य पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन की आर्थिक परेशानियां और बाधाएं दूर होने लगती हैं। इसके अलावा छायादार और फलदार वृक्ष लगाकर उनकी नियमित देखभाल करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
