Narak Chaturdashi 2024: नरक चतुर्दशी को यम चतुर्दशी और छोटी दीवाली के नाम से जाना जाता है। ये पर्व दीवाली के एक दिन पहले मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाने की परंपरा है। इस दिन यम का दीपक जलाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन ही भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध कर 16,000 गोपियों को उसी कैद से बचाया था। नरक चतुर्दशी के दिन मृत्यु के देवता यमदेव के नाम का दीपक जलाया जाता है। आइए जानते हैं इस साल नरक चतुर्दशी कब और शुभ मुहूर्त के बारे में।
Narak Chaturdashi 2024 Date (2024 में नरक चतुर्दशी कब है)
नरक चतुर्दशी हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस साल छोटी दीवाली यानि नरक चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 30 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 16 मिनट पर होगा और इस तिथि का समापन 31 अक्तूबर को दोपहर में 03 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में नरक चतुर्दशी इस साल 30 अक्तूबर 2024 को बुधवार के दिन मनाया जाता है।
Narak Chaturdashi 2024 Shubh Muhurat (नरक चतुर्दशी शुभ मुहूर्त 2024)
नरक चतुर्दशी 30 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी के दिन सूर्यास्त के बाद यम दीपक जलाया जाता है। इस दिन शाम 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट तक के बीच में यम दीपक जला सकते हैं।
नरक चतुर्दशी पर यम दीपक क्यों जलाया जाता है
नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाने का विधान है। ये दीपक दीवाली से एक दिन पहले छोटी दीवाली की रात को जलाया जाता है। यम दीपक मृत्यु के देवता यमदेव के नाम का जलाया जाता है। यम दीपक जलाने के लिए चौमुखी दीपक का प्रयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाने से अकाल मृत्यु के भय छुटकारा पाया जा सकता है। इसके साथ ही यमदेव नरक के द्वार बंद कर देते हैं।
Narak Chaturdashi Importance (नरक चतुर्दशी महत्व)
पौराणिक मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके उसको पराजित किया था। भगवान कृष्ण की विजय प्राप्ति के जश्न के रूप में छोटी दीवाली मनाई जाती है। इसके साथ ही इस दिन दीपक जलाने से जीवन में बुराई की समाप्ति होती है और सकारात्मकता आती है।
