Narak Chaturdashi 2022: आज इस समय करें यमदेव की पूजा, अकाल मृत्यु का भय होगा खत्म

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  • Updated Oct 24, 2022, 03:28 PM IST

Narak Chaturdashi 2022 Shubh muhurat, Puja Vidhi: हिंदू पंचांग के अनुसा नरक चतुर्दशी का पर्व कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है, लेकिन ग्रहण काल के कारण इस बार दिवाली और नरक चतुर्दशी एक दिन मनाई जा रही है। ऐसे में पूजा को लेकर असमंजस में ना पड़ें। यहां आप शुभ मुहूर्त व पूजा विधि से लेकर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • दिवाली के दिन मनाई जा रही है नरक चतुर्दशी।
  • नरक चतुर्दशी के दिन यमदेव की पूजा का विधान।
  • तिल के तेल से करें मालिस, होगी सौंदर्य की प्राप्ति।

Narak Chaturdashi 2022 Shubh muhurat, Puja Vidhi: दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाता है। हालांकि इस बार ग्रहणकाल के कारण नरक चतुर्दशी और दिवाली का पर्व एकसाथ मनाया जा रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने दैत्यराज नरकासुर (Narak Chaturdashi 2022) का वध कर, 16 हजार कन्याओं को बंदीगृह से मुक्त करवाया था। इस दिन विधि विधान से यमदेव की पूजा अर्चना करने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है तथा नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि, नरक चतुर्दशी के दिन मृत्यु के देवता यमराज को दक्षिण दिशा में दीपदान करने से घर से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है व सकारात्मकता का वास होता है।

Narak Chaturdashi

नरक चतुर्दशी शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

वहीं इस दिन श्रीहरि भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और मां काली की पूजा का भी विधान है। इस दिन विधिवत भगवान विष्णु की पूजा करने से सौंदर्य (Narak Chaturdashi 2022 Katha की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि इसे रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। स्कंद पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार, यदि विधिवत यमदेव की पूजा ना की जाए तो इसका गलत परिणाम भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम आपको नरक चतुर्दशी की पूजा का शुभ मुहूर्त व विधि बताएंगे। आइए जानते हैं।

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