Budh Uranus Shadashtak Yog 2026: अक्टूबर की शुरुआत में ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए अहम बदलाव लेकर आ रही है। 4 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजकर 48 मिनट पर बुध और अरुण ग्रह एक-दूसरे से 150 डिग्री पर आ गए। इस तरह दोनों ग्रहों के बीच षडाष्टक योग बन गया। इस समय बुध तुला राशि में और अरुण वृषभ राशि में मौजूद हैं।
बुध और अरुण का षडाष्टक योग किन राशि वालों के लिए शुभ रहेगा (Image AI Generated and Newsroom Verified)
ज्योतिष में बुध को सोच, बोलचाल, दिमाग, पढ़ाई, कारोबार, लेन-देन और फैसलों का ग्रह माना जाता है। दूसरी ओर अरुण या यूरेनस को अचानक बदलाव, अनिश्चित घटनाओं, नई सोच और ऐसी परिस्थितियों से जोड़ा जाता है, जिनका अंदाजा पहले से लगाना मुश्किल हो। ऐसे में दोनों के बीच बना यह संबंध कुछ राशियों के लिए मन और फैसलों में उलझन बढ़ाने वाला हो सकता है।
षडाष्टक योग की खासियत यह है कि इसमें दो ग्रहों के बीच तालमेल आसानी से नहीं बनता। एक तरफ दिमाग तेजी से कुछ नया करने को कह सकता है, वहीं दूसरी तरफ हालात अचानक बदल सकते हैं। इस वजह से जल्दबाजी में लिए गए फैसले परेशानी दे सकते हैं। खासकर पैसा, नौकरी, कारोबार, रिश्ते और जरूरी बातचीत से जुड़े मामलों में सावधानी रखना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए बुध सातवें भाव और अरुण दूसरे भाव से जुड़े प्रभाव दे रहे हैं। ऐसे में रिश्तों और पैसे के बीच खींचतान की स्थिति बन सकती है। पति-पत्नी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी छोटी बात को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है। बातचीत करते समय आपके शब्द जरूरत से ज्यादा तीखे हो सकते हैं और सामने वाला आपकी बात का अलग मतलब निकाल सकता है। पैसों के मामले में अचानक खर्च या ऐसी जरूरत सामने आ सकती है, जिसकी आपने पहले से योजना नहीं बनाई थी। परिवार में भी किसी आर्थिक मुद्दे को लेकर बहस हो सकती है। कारोबार में कोई कागज या समझौता बिना पढ़े साइन करना नुकसान दे सकता है। बुधवार को हरी मूंग का दान करें और जरूरी बातचीत में जल्दबाजी से बचें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बुध पांचवें भाव और अरुण बारहवें भाव को प्रभावित कर रहे हैं। यह स्थिति पढ़ाई, प्रेम, बच्चों और भविष्य की योजनाओं पर असर डाल सकती है। विद्यार्थियों का ध्यान बार-बार भटक सकता है और किसी जरूरी परीक्षा या काम की तैयारी में रुकावट आ सकती है। प्रेम संबंधों में अचानक दूरी या किसी पुरानी बात को लेकर बहस हो सकती है। शेयर बाजार या सट्टे जैसी जगह पर अचानक लाभ की उम्मीद में पैसा लगाना भारी पड़ सकता है, क्योंकि इस समय फैसले स्थिर नहीं रहेंगे। नींद और आराम पर भी असर पड़ सकता है। बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और किसी भी निवेश में जल्दबाजी न करें।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध आपकी राशि में मौजूद हैं, जबकि अरुण आठवें भाव में असर डाल रहे हैं। यही वजह है कि यह योग आपके लिए मानसिक दबाव और अचानक बदलाव वाला समय बना सकता है। कोई ऐसा फैसला सामने आ सकता है, जिसके लिए आपको बहुत कम समय में अपनी रणनीति बदलनी पड़े। नौकरी में अचानक जिम्मेदारी बढ़ सकती है या काम करने का तरीका बदल सकता है। कारोबार में किसी पुराने मामले को लेकर नई समस्या सामने आ सकती है। रिश्तों में भी जरूरत से ज्यादा सोचने के कारण बात बिगड़ सकती है। गाड़ी चलाते समय और तकनीकी काम करते समय अतिरिक्त सावधानी रखना ठीक रहेगा। बुधवार को गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और किसी भी बड़े फैसले पर कम से कम एक बार दोबारा सोचें।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध बारहवें भाव और अरुण सातवें भाव में प्रभाव डाल रहे हैं। इस कारण खर्च, रिश्ते और पार्टनरशिप से जुड़े मामले ज्यादा परेशान कर सकते हैं। कारोबार में किसी पार्टनर के साथ अचानक मतभेद हो सकता है या सामने वाले की योजना आखिरी समय पर बदल सकती है। नौकरी करने वालों को किसी सहकर्मी या वरिष्ठ के साथ गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है। दूर की यात्रा या ऑनलाइन काम से जुड़ा कोई खर्च बजट बिगाड़ सकता है। निजी रिश्तों में भी सामने वाले के व्यवहार को लेकर मन में कई सवाल उठ सकते हैं। हर बात का तुरंत जवाब देने के बजाय स्थिति को समझकर प्रतिक्रिया देना आपके लिए बेहतर रहेगा। बुधवार को हरी सब्जियों का दान करें और पैसों के लेन-देन में लिखित रिकॉर्ड जरूर रखें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए बुध भाग्य भाव और अरुण सुख भाव को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में घर और करियर के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। नौकरी या कारोबार के कारण घर पर तनाव बढ़ सकता है और परिवार के लोगों को लग सकता है कि आप उन्हें पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं। घर बदलने, प्रॉपर्टी खरीदने या किसी बड़े घरेलू खर्च का फैसला अचानक सामने आ सकता है। पिता या किसी बड़े व्यक्ति के साथ किसी बात पर विचार अलग हो सकते हैं। इस समय बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक या प्रॉपर्टी से जुड़ा फैसला लेना ठीक नहीं रहेगा। बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और घर के बड़े लोगों का सम्मान करें।
क्यों परेशान कर सकता है षडाष्टक योग
इस योग में सबसे बड़ी परेशानी यह मानी जाती है कि बुध दिमाग और फैसलों को गति देता है, जबकि अरुण अचानक बदलाव का माहौल बना सकता है। ऐसे में व्यक्ति एक फैसला लेता है और थोड़ी देर बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। इसका असर खासतौर पर उन कामों पर पड़ सकता है जिनमें लगातार बातचीत, कागजी काम, पैसा या दूसरों पर निर्भरता होती है।
इस दौरान मैसेज, ईमेल या जरूरी दस्तावेज भेजने से पहले उन्हें दोबारा पढ़ना अच्छा रहेगा। कारोबार में मौखिक वादे के बजाय लिखित समझौते पर भरोसा करना ज्यादा सुरक्षित होगा। किसी खबर, अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट को देखकर तुरंत प्रतिक्रिया देने से भी बचना चाहिए।
नौकरी और कारोबार वालों को खास सावधानी
बुध का संबंध कारोबार और कम्युनिकेशन से होने के कारण नौकरी और बिजनेस करने वालों पर इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है। ऑफिस में किसी ईमेल, मैसेज या बातचीत का गलत मतलब निकाला जा सकता है। किसी प्रोजेक्ट की डेडलाइन अचानक बदल सकती है या काम करने का तरीका बदल सकता है। कारोबारियों के लिए किसी पुराने ग्राहक की डिमांड अचानक बदलना, पेमेंट में देरी होना या डील की शर्तों में बदलाव आना जैसी स्थितियां बन सकती हैं। ऐसे समय में गुस्से में फैसला लेने के बजाय बैकअप प्लान रखना ज्यादा समझदारी होगी।
किन मामलों में ज्यादा सतर्क रहें
इस योग के दौरान बड़े निवेश, अचानक नौकरी छोड़ने, बिना पढ़े कागज पर हस्ताक्षर करने, रिश्तों में तुरंत फैसला लेने और किसी की बात पर बिना जांच भरोसा करने से बचना बेहतर रहेगा। इस समय छोटी गलती भी इसलिए बड़ी लग सकती है क्योंकि परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
खास बात यह भी है कि षडाष्टक योग को हमेशा नुकसान देने वाला नहीं माना जा सकता है। कई बार यही स्थिति व्यक्ति को पुराना तरीका छोड़कर नया रास्ता अपनाने के लिए मजबूर करती है। फर्क सिर्फ इतना है कि बदलाव अगर सोच-समझकर किया जाए तो वही परेशानी आगे चलकर फायदा भी बन सकती है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
