Mathura Famous Temple: भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा के मंदिर विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। यहां पूरे साल भक्तों का तांता लगा रहता है। लेकिन जन्माष्टमी के अवसर पर यहां अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इस साल जन्माष्टमी (Janmashtami 2023) का त्योहार 6 सितंबर को मनाया जाएगा। ये त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव (Krishna Janmashtami 2023) के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरा के कारागार में हुआ था। ऐसे में इस शुभ अवसर पर मथुरा के मंदिरों (Janmashtami In Mathura) के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यहां देखें मथुरा के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर (Mathura Krishna Mandir)।
Famous Temples Of Mathura To Celebrate Janmashtami 2023
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर - Krishan Janambhoomi Temple
ये वही स्थान है जहां भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था। यहां का सबसे आकर्षक वो कारावास है जहां कृष्ण का जन्म हुआ था। ये मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। इसकी खूबसूरती देखने लायक है। यहां आने का सबसे अच्छा समय जन्माष्टमी या होली है।
द्वारकाधीश मंदिर - The Dwarkadhish Temple
द्वारकाधीश मंदिर भी मथुरा के सबसे पवित्र मंदिरों में आता है। ये अपनी शानदार वास्तुकला के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1814 में किया गया था। मंदिर में काले मार्बल से बनी कृष्ण की प्रतिमा है और साथ में सफेद मार्बल से बनी राधा की प्रतिमा की सुंदरता अतुल्नीय है।
बिड़ला मंदिर - Birla Temple
मथुरा का बेहद खूबसूरत मंदिर जिसे देखते ही हर कोई मंत्र मुग्ध हो जाता है। ये मंदिर भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित है। सफेद मार्बल से बने इस मंदिर की वास्तुकला शानदार है। ये मंदिर मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 6.5 किमी की दूरी पर स्थित है।
बांके बिहारी मंदिर - Banke Bihari Temple
बांके बिहारी मंदिर भी मथुरा के सबसे लोकप्रिय मंदिरों की लिस्ट में शामिल है। यहां भगवान कृष्ण की अद्भुत प्रतिमा को देखकर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाएगी। मंदिर के मुख्य प्रवेश पर पारंपरिक डिज़ाइन बनाया गया है। जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। कहते हैं श्री बांके बिहारी के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति सारे दुख-दर्द भूल जाता है।
केशव देव मंदिर - Keshav Dev Temple
केशव देव मंदिर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास ही है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर की भूमि पर ही भगवान कृष्ण को बंदी बनाया गया था। भगवान कृष्ण को समर्पित इस मंदिर में जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन करने के लिए आते हैं।
