Masik Durgashtami 2026 Today: मां दुर्गा के भक्तों के लिए मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व होता है, जो कि हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी पर श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से साहस, मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होती है। साथ ही व्यक्ति को बाधाओं और शत्रुओं से रक्षा का आशीर्वाद मिलता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मासिक दुर्गाष्टमी पर केवल मां दुर्गा की ही पूजा करनी चाहिए या उनके किसी विशेष स्वरूप की भी आराधना करना शुभ होता है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। साथ ही आपको आषाढ़ मास की दुर्गाष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त की जानकारी यहां पर मिलेगी।
आषाढ़ मासिक दुर्गाष्टमी 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
मासिक दुर्गाष्टमी पर किसकी पूजा करें?
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की सबसे पहले आराधना की जाती है, जिनके बाद आप उनके किसी भी स्वरूप की पूजा कर सकते हैं। बता दें कि इस दिन मां दुर्गा के किसी एक विशेष स्वरूप की पूजा करने का विधान नहीं है।
आषाढ़ मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि
द्रिक पंचांग की गणना के मुताबिक, इस बार 21 जुलाई 2026 की सुबह 4 बजकर 2 मिनट से आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ हुआ है, जो कि कल 22 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में आज 21 जुलाई 2026, वार मंगलवार को ही आषाढ़ मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जा रही है।
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मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा के शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त के नाम | अवधि |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह में 04:14 से 04:55 तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर में 12:00 से 12:55 तक |
| अमृत काल | दोपहर में 01:58 से 03:41 तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर में 02:44 से 03:39 तक |
| सायाह्न संध्या | शाम 07:19 से रात 08:20 तक |
| निशिता मुहूर्त | रात में 12:07 से 12:48 तक (22 जुलाई) |
मासिक दुर्गाष्टमी पर पूजा कैसे करें?
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद लाल या पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में जाएं और वहां गंगाजल का छिड़काव करें। मंदिर में एक चौकी रखकर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें। व्रत का संकल्प लेने के बाद मां को जल, फूल, फल सिंदूर, अक्षत, वस्त्र, चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और 'ॐ दुं दुर्गाय नमः' मंत्र का 11 बार जाप करें। अब दुर्गा चालीसा का पाठ करें और मासिक दुर्गाष्टमी व्रत की कथा पढ़ें। आरती करके पूजा का समापन करें।
मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कब खोलें?
मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कल 22 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 16 मिनट के बाद खोलना शुभ रहेगा। दरअसल, इस समय अष्टमी तिथि समाप्त हो जाएगी। वहीं, कल सूर्योदय सुबह 05:37 मिनट पर होगा। जो लोग सूर्योदय के बाद मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत खोलते हैं, वो सुबह 05 बजकर 37 मिनट के बाद उपवास खोल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
