Amavasya 2023 Date, Time And Puja Vidhi In Hindi: मार्गशीर्ष मास में आने वाली अमावस्या को अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस अमावस्या पर तर्पण, स्नान-दान आदि कार्य करने का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है इस अमावस्या पर इन कार्यों को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। मार्गशीर्ष अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन करने का विधान है। साथ ही इस दिन गंगा स्नान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। जानिए मार्गशीर्ष अमावस्या की पूजा विधि और मुहूर्त।
Margashirsha Amavasya 2023 Date And Time
अमावस्या 2023 तिथि व मुहूर्त (Amavasya 2023 Puja Vidhi And Muhurat)
अमावस्या आरम्भ- 12 दिसंबर 2023 को 06:26 AM से
अमावस्या समाप्त- 13 दिसंबर 2023 को 05:03 AM तक
मार्गशीर्ष पूजा विधि (Amavasya Puja Vidhi In Hindi)
- मार्गशीर्ष अमावस्या पर कई लोग व्रत रखते हैं।
- इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो इस दिन घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए।
- इस दिन सत्यनारायण की कथा जरूर पढ़ें।
- इस दिन भगवान श्री कृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
- इस दिन गीता पढ़ना भी बेहद शुभ होता है।
- अमावस्या व्रत रखने वाले लोगों को पीपल के पेड़ में दूध और जल अवश्य चढ़ाना चाहिए।
मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व (Amavasya Mahatva)
इस अमावस्या पर पितरों का तर्पण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही मार्गशीर्ष अमावस्या पर व्रत रखने से जीवन के सभी परेशानियों का अंत हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इतना ही नहीं इस दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाने से भी व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या के उपाय (Amavasya Ke Upay)
मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उनके समक्ष सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं। साथ ही शनि मंदिर में बैठकर शनि चालीसा का पाठ करें। इससे शनि ग्रह मजबूत होगा और जीवन में तरक्की के रास्ते खुलेंगे। साथ ही अमावस्या के दिन जरूरतमंद और गरीबों को खाने-पीने की चीजों का दान भी जरूर करें। ऐसा करने से आपके जीवन में कभी किसी चीज का अभाव नहीं होगा।
