Mangalwar Vrat Katha In Hindi (मंगलवार व्रत कथा): जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर स्थिति में होता है उन्हें मंगलवार का व्रत रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि जो कोई भी इस व्रत को सच्चे मन से रखता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मंगलवार व्रत करने से व्यक्ति के अंदर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित है। ऐसे में इस दिन व्रत करने से मंगल देव प्रसन्न होकर भूमि का लाभ देने के साथ-साथ कर्ज से भी मुक्ति दिलाते हैं। यहां जानिए मंगलवार कथा।
Mangalwar Vrat Katha
मंगलवार व्रत कथा (Mangalwar Vrat Katha In Hindi)
मंगलवार की पौराणिक कथा अनुसार एक समय की बात है एक ब्राह्मण दंपत्ति की कोई संतान नहीं थी, जिस कारण वे लोग बेहद दुःखी रहते थे। एक समय ब्राह्मण वन में हनुमान जी की पूजा के लिए गया। उसने पूजा के साथ बजरंगबली से एक पुत्र की कामना की। इसके अलावा उसकी स्त्री भी पुत्र प्राप्ति के लिए मंगलवार का व्रत करती थी। वह मंगलवार के दिन व्रत के अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर ही भोजन ग्रहण करती थी।
एक दिन मंगलवार व्रत वाले दिन ब्राह्मणी ना भोजन बना पाई और ना ही हनुमान जी को भोग लगा सकी। फिर उसने प्रण किया कि वह अगले मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाकर ही भोजन करेगी। वह इस तरह से पूरे 6 दिन तक भूखी प्यासी पड़ी रही। मंगलवार के दिन वह बेहोश हो गई। हनुमान जी को उसकी निष्ठा और लगन देखकर बहुत प्रसन्न हुई। फिर भगवान ने आशीर्वाद स्वरूप ब्राह्मणी को एक पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया और कहा कि ये पुत्र तुम्हारी बहुत सेवा करेगा।
कुछ समय बाद ब्राह्मणी को एक सुंदर बालक की प्राप्ति हुई जिसे पाकर ब्राह्मणी अति प्रसन्न हुई। उसने अपने बालक का नाम मंगल रखा। कुछ समय उपरांत जब ब्राह्मण घर आया, तो उस बालक को देख उसने पूछा कि वह कौन है? पत्नी बोली कि मंगलवार व्रत से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने उन्हें यह बालक दिया है। लेकिन ब्राह्मण को अपनी पत्नी की बात पर विश्वास नहीं हुआ। एक दिन ब्राह्मण ने उस बालक को कुएं में गिरा दिया।
घर पर लौटने पर ब्राह्मणी ने पूछा कि, मेरा बेटा मंगल कहां है? तभी पीछे से मंगल मुस्कुराता हुआ आ गया। उसे वापस देखकर ब्राह्मण आश्चर्य में पड़ गया। रात को हनुमान जी ने उसे सपने में दर्शन दिए और बताया कि यह पुत्र उसे उन्होंने ही दिया है। ब्राह्मण को जब सत्य का पता चला तो वह बहुत खुश हुआ। इसके बाद ब्राह्मण दंपत्ति प्रत्येक मंगलवार को विधि विधान व्रत रखने लगे।
कहते हैं जो मनुष्य मंगलवार व्रत कथा को पढ़ता या सुनता है उसके हनुमान जी की कृपा से सब कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख की प्राप्ति होती है।
