Mandir Darshan: 800 साल से भी पुराना ‘दक्षिण का शिवालय’, आकाश रूप में पूजे जाते हैं महादेव, धरती के खास बिंदु पर बना है मंदिर

Chidambaram Natraja Temple: देवाधिदेव महादेव को अति प्रिय सावन का महीना चल रहा है। देश-दुनिया में महादेव के ऐसे कई मंदिर हैं, जो खूबसूरती, भक्ति के साथ ही आश्चर्य को भी समेटे हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर तमिलनाडु के चिदंबरम में स्थित है, थिल्लई नटराज मंदिर, जिसे चिदंबरम नटराज मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह न केवल भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि यह दुनिया के चुंबकीय भूमध्य रेखा के केन्द्र बिंदु पर स्थित है।

Chidambaram Natraja Temple: तमिलनाडु पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है, जो कला, अध्यात्म और विज्ञान का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। सावन के पवित्र महीने में यह मंदिर भक्तों और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

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दक्षिण का शिवालय: चिदंबरम नटराज मंदिर, तमिलनाडु (Photo: Tamilnadu Tourism)

नटराज मंदिर भगवान शिव को उनके नृत्य स्वरूप ‘नटराज’ के रूप में समर्पित है और यहां पर महादेव की पूजा आकाश के रूप में होती है। चिदंबरम का अर्थ है 'चेतना का आकाश', क्योंकि 'चित' का अर्थ चेतना और 'अंबरम' का अर्थ आकाश है। यह दसवीं शताब्दी में चोल वंश की राजधानी रहा।

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