Makar Sankranti Snan Daan Puja Muhurat Today (मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त): सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश के साथ मकर संक्रांति मनाया जाता है। इस दिन को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व माना गया है। स्नान और दान करने से सकारात्मक ऊर्जा और पुण्यकाल की शुरुआत होती है। शास्त्रों के अनुसार पवित्र नदी में या तिल मिले जल से किया गया स्नान पापों का नाश करता है और शरीर-मन को शुद्ध करता है। वहीं, तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष शांत होते हैं। यहां से आप जान सकते हैं कि आज 14 जनवरी को अगर आप मकर संक्रांति मना रहे हैं तो स्नान और दान का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है।
14 जनवरी, मकर संक्रांति के स्नान- दान मुहूर्त (pc: canva)
14 जनवरी 2026 मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त-
- पुण्य काल- 03:13 PM – 05:45 PM
- महापुण्यकाल- 03:13 PM – 04:58 PM
- ब्रह्म मुहूर्त- 05:27 AM – 06:21 AM
- सूर्य का मकर में प्रवेश (संक्रांति क्षण): लगभग 3:13 PM
14 जनवरी को मना रहे हैं मकर संक्रांति तो क्या करें?
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। सूर्य देव को जल चढ़ाएं। जल में लाल चंदन, कुमकुम, चावल, फूल डालें। सूर्य चालीसा य सूर्य रक्षा कवच का पाठ करें। तिल-गुड़ का दान करें. तिल से बनीं मिठाई का भोग लगाएं। शाम को तुलसी और घर के मुख्य द्वार पर दीपक लगाएं।
मकर संक्रांति स्नान-दान विधि-
मकर संक्रांति के दिन सुबह उठकर पवित्र नदी, सरोवर या घर पर ही तिल मिले जल से स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्यदेव को जल, तिल और पुष्प अर्पित करते हुए ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें। इसके बाद भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करें, फिर तिल, गुड़, चावल, खिचड़ी, कंबल, वस्त्र या अन्न का दान ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को करें, दान देते समय श्रद्धा और विनम्रता रखें। मान्यता है कि इस विधि से किया गया स्नान-दान पापों का नाश करता है, सूर्यदेव की कृपा दिलाता है और जीवन में सुख-समृद्धि व पुण्यफल प्रदान करता है।
मकर संक्रांति पर दान करना क्यों खास है?
मकर संक्रांति पर दान करना इसलिए खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण का शुभ काल आरंभ होता है, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार इस समय किया गया दान कई गुना पुण्यफल देता है, खासतौर से तिल, गुड़, अन्न और वस्त्र का दान पापों का नाश करता है, दरिद्रता दूर करता है और पितृ दोष को शांत करता है। साथ ही यह दिन तप, संयम और सेवा भाव का प्रतीक है, इसलिए मकर संक्रांति पर श्रद्धा से किया गया दान जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और उन्नति का कारण माना जाता है।
