kya Makar Sankranti par Baal dho sakte hain (Makar sankranti FAQs in Hindi): मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ पर्व है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है। संक्रांति पर स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं जैसे कि क्या आज बाल धो सकते हैं, क्या प्याज-लहसुन खाना चाहिए और आज क्या नहीं करना चाहिए।
मकर संक्रांति पर क्या करें, क्या नहीं की जानकारी
क्या आज मकर संक्रांति पर बाल धो सकते हैं
ऐसे तो मकर संक्रांति पर बाल धोना शुभ माना जाता है। स्नान के साथ बाल धोने की भी अनुमति होती है, क्योंकि यह दिन शुद्धि और पवित्रता से जुड़ा है। लेकिन आज 15 जनवरी 2026 को गुरुवार है और कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन बाल नहीं धोए जाते हैं। अगर आप इनका पालन करते हैं तो नदी स्नान के दौरान बिना साबुन के बाल गीले करें या फिर बाल धोने से बचें।
क्या मकर संक्रांति पर प्याज-लहसुन खा सकते हैं?
धार्मिक दृष्टि से मकर संक्रांति पर प्याज-लहसुन नहीं खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह तामसिक भोजन की श्रेणी में आता है। पूजा, व्रत और दान के दिन सात्विक भोजन श्रेष्ठ माना जाता है। इसलिए यदि कोई व्रत नहीं भी रख रहा है, तब भी लोग इस दिन प्याज-लहसुन से परहेज करते हैं।
मकर संक्रांति पर क्या नहीं करना चाहिए?
- मांस-मदिरा का सेवन न करें
- प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन से बचें
- क्रोध, झगड़ा और नकारात्मक सोच न रखें
- सूर्य देव की उपेक्षा न करें
- सही और शुभ चीजों का दान करें
मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य देना क्यों जरूरी है?
मकर संक्रांति का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन उनको अर्घ्य देने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
क्या महिलाएं सूर्य को अर्घ्य दे सकती हैं?
महिलाएं पूर्ण श्रद्धा से सूर्य पूजा कर सकती हैं। इसमें कहीं कोई मनाही नहीं है।
क्या पीरियड्स में लेडीज मकर संक्रांति की पूजा कर सकती हैं?
परंपरागत धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीरियड्स के दौरान पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और मंदिर प्रवेश से परहेज करने की परंपरा रही है। इसलिए विधिवत पूजा करना वर्जित माना जाता है। यदि कोई महिला स्वयं को सक्षम और श्रद्धावान महसूस करती है, तो नाम स्मरण और प्रार्थना कर सकती है।
मकर संक्रांति पर दान में क्या नहीं देना चाहिए?
मकर संक्रांति पर नमक का दान वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि नमक का दान करने से घर की सुख-शांति और आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है। इसके अलावा संक्रांति के दिन लोहे का दान नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह शनि से जुड़ा माना जाता है और अशुभ प्रभाव दे सकता है। काले कपड़े भी इस दिन दान में नहीं दिए जाते हैं। टूटी-फूटी या पुरानी चीजें, जूते-चप्पल आदि का भी दान नहीं करना चाहिए।
मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा का महत्व
मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा करने से माना जाता है कि सूर्य दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इसी के साथ स्वास्थ्य और आत्मबल में वृद्धि होती है। मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा के नियम क्या है
मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा के दौरान ध्यान रहे कि जूते-चप्पल न पहनें। क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। साथ ही पूजा के समय मौन रहें या मंत्र जाप करें।
मकर संक्रांति पर क्या दान देना सबसे शुभ है?
मकर संक्रांति पर आप सफेद तिल, गुड़, चावल / अनाज, खिचड़ी, वस्त्र, कंबल, तांबा आदि का दान करें। यह शुभ माना जाता है।
