ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि महोत्सव, सद्गुरु के मार्गदर्शन में भक्ति, संगीत और ध्यान का महासंगम

Isha Yoga Center Events: महाशिवरात्रि के मौके पर कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी। वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह केंद्र, जिसे दक्षिण का कैलाश कहा जाता है, ऊर्जा का खास केंद्र माना जाता है। सद्गुरु के मार्गदर्शन में रातभर भक्ति, ध्यान और संगीत का आयोजन यहां होगा। पूरे कार्यक्रम का 100+ टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव प्रसारण 24 भाषाओं में होगा। दुनिया भर से लगभग 14 करोड़ लोग इस अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव का हिस्सा बनेंगे।

Mahashivratri celebrations India: 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के मौके पर दुनिया की नजरें कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र पर होंगी, जो वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। महाशिवरात्रि दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा देखे जाने वाले आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। गौर करने वाली बात ये है कि इसे देखने वालों की संख्या सुपर बाउल, ग्रैमी या ऑस्कर जैसे बड़े लाइव इवेंट्स से भी ज्यादा होती है। इस आयोजन में योगी और दिव्यदर्शी सद्गुरु के मार्गदर्शन में रात भर भक्ति, संगीत और ध्यान का कार्यक्रम होता है। पूरे उत्सव का लाइव प्रसारण 100 से ज्यादा टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 24 भारतीय और विदेशी भाषाओं में किया जाएगा। इस बार उम्मीद है कि दुनिया भर से तकरीबन 14 करोड़ से ज्यादा लोग इस महाशिवरात्रि का आनंद उठाएंगे।

Mahashivratri celebrations India

ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि महोत्सव

दक्षिण का कैलाश: महाशिवरात्रि एक खास खगोलीय घटना है, जब हमारे शरीर में ऊर्जा का प्राकृतिक उछाल होता है और यह आध्यात्मिक विकास के लिए बहुत मददगार साबित होता है। सद्गुरु बताते हैं कि वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी, जिसे दक्षिण का कैलाश कहा जाता है, बहुत खास जगह है। मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने यहां साढ़े तीन महीने से अधिक समय बिताया था। यह जगह ग्यारह डिग्री अक्षांश पर स्थित है, जो इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पृथ्वी के झुकाव और घूमने के तरीके से इस अक्षांश के आसपास ऊर्जा का असर सबसे ज्यादा होता है। महाशिवरात्रि की रात तो इस ऊर्जा का उछाल अपने चरम पर होता है, इसलिए उस रात यहां रहना या ध्यान लगाना सबसे लाभकारी माना जाता है।

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