Mahadev Ke Astra: महादेव के दिव्य अस्त्र कौन से थे, अर्जुन और रावण को कौन से मिले थे - अक्षत गुप्ता ने समझाए इनके गूढ़ अर्थ

Mahadev Ke Astra: जानिए महादेव के पाशुपतास्त्र, त्रिशूल, पिनाक और चंद्रहास की शक्तियां। अर्जुन और रावण को ये दिव्य अस्त्र कैसे मिले और इनके पीछे क्या रहस्य है।

Mahadev Ke Astra: भगवान शिव की छवि जितनी शांत है, उतनी ही प्रचंड भी। एक ओर वह कैलाश पर ध्यान में लीन योगी हैं। दूसरी ओर अधर्म के अंत के लिए रुद्र रूप धारण करने वाले महादेव। उनके हाथों में दिखाई देने वाले अस्त्र केवल युद्ध के साधन नहीं हैं। हर अस्त्र किसी विशेष शक्ति, मर्यादा और जीवन-संदेश का प्रतीक भी माना जाता है।

Mahadev Ke Astra

महादेव के दिव्य अस्त्र कौन से हैं, अक्षत गुप्ता से जानें क्या हैं इनके रहस्य

पाशुपतास्त्र, त्रिशूल, पिनाक और चंद्रहास से जुड़ी कथाएं अलग-अलग पुराणों तथा रामायण-महाभारत की परंपराओं में मिलती हैं। कुछ लोकप्रिय विवरणों में रुद्रास्त्र का भी उल्लेख आता है। आइए जानते हैं कि महादेव के इन दिव्य अस्त्रों की कहानी क्या है और इनके पीछे कौन-से गहरे अर्थ छिपे हैं।

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