Mahashivratri ke Gane Geet: महाशिवरात्रि का पावन पर्व आते ही चारों तरफ भक्ति का माहौल बन जाता है। देश भर में सावन शिवरात्रि धूम धाम से मनाई जाती है। हर मंदिर हर शिवालय में लोग महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं और भजन-कीर्तन में जुटे रहते हैं। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की भक्ति और उनकी अनंत शक्ति को याद करने का खास अवसर है। इस दिन गीत गाने और सुनने की परंपरा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। शिव गीत गाकर भक्त महादेव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। इन गीतों में भगवान शिव के अलग-अलग रूपों और उनकी महिमा का सुंदर वर्णन होता है। गीत सुनने से मन को शांति मिलती है और झूम उठने का मन करता है। गीत सुनने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की ताकत भी मिलती है। महाशिवरात्रि सिर्फ व्रत और पूजा का ही दिन नहीं, बल्कि अपने मन को शिव भक्ति में डुबोने का अवसर है। आइए जानते हैं शिव जी के ऐसे कुछ मधुर गीतों के बारे में, जो कीर्तन में गूंजने के साथ-साथ भक्तों को झूम उठने पर मजबूर कर देते हैं।
भगवान शिव के गीत
1. शिव कैलाशों के वासी धौली धारों के राजा
शिव कैलाशो के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
अंत बेअंत तेरी माया,
ओ भोले बाबा,
अंत बेअंत तेरी माया,
शिव कैलाशों के वासी...
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना।
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
शिव जी के मन को लुभायें,
ओ भोले बाबा,
शिव जी के मन को लुभायें
शिव कैलाशों के वासी...
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना।
एक था डेरा तेरा,
चम्बे रे चौगाना,
दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,
ओ भोले बाबा,
दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,
शिव कैलाशों के वासी...
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना।
शिव कैलाशो के वासी...
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना।
2. मेरा भोला है भंडारी करे नंदी कि सवारी
मेरा भोला है भंडारी,
करे नंदी कि सवारी ।
भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।
सबना दा रखवाला ओ शिवजी,
डमरूवा वाला जी डमरूवा वाला,
ऊपर कैलाश रेहंदा भोले नाथ जी,
धर्मियो जो तारदे शिवजी,
पापिया जो मारदा जी,
पापिया जो मारदा,
बड़ा ही दयाल मेरा भोले अमली,
नमः शिवाय शम्भो,
ओम नमः शिवाय।
महादेवा तेरा डमरू डम डम,
डम डम बजतो जाए रे,
हो महादेवा महादेवा,
ओम नमः शिवाय शंभू,
ओम नमः शिवाय।
सर से तेरे बहती गंगा,
काम मेरा हो जाता चंगा,
नाम तेरा जब लेता, महादेवा,
मां पिया दे घरे ओ गोरा,
महला च रेहंदी,
जी महला च रेहंदी,
विच समसाना रहंदा भोलेनाथ जी,
कालेया कुंडला वाला,
मेरा भोले बाबा।
किधर कैलाशा तेरा डेरा ओ जी,
सर पे तेरे ओ गंगा मैया विराजे,
मुकुट पे चंदा मामा ओ जी,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय शंभू,
ओम नमः शिवाय।
भंग जे पिन्दा ओ शिवजी,
धुनी रमांदा जी धुनी रमांदा,
बड़ा ही तपारी मेरा भोले अमली,
मेरा भोला है भंडारी,
करता नंदी कि सवारी भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।
मेरा भोला है भण्डारी,
करे नंदी कि सवारी,
शम्भुनाथ रें शंकर नाथ रे,
गौरा भांग रगड़ के बोली,
तेरे साथ है भूतो की टोली,
मेरे नाथ रे शम्भु नाथ रें,
ओ भोले बाबा जी,
दर तेरे मैं आया जी,
झोली खाली लाया जी,
खाली झोली भरदो जी ।
कालेया सर्पा वाला,
मेरा भोले बाबा,
शिखरे कैलाशा विच रहंदा ओ जी।
मेरा भोला है भंडारी,
करे नंदी कि सवारी।
भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।
3. शिव समा रहे मुझमे
ओम नम शिवाय
ओम नम शिवाय
शिव समा रहे मुझमे
और मैं शून्या हो रहा हूं
शिव समा रहे मुझमे
और मैं शून्या हो रहा हूं
क्रोध को लोभ को
क्रोध को लोभ को
मैं भस्म कर रहा हूं
शिव समा रहे मुझमे
और मैं शून्या हो रहा हूं
ओम नम शिवाय
शिव समा रहे मुझमे
और मैं शून्या हो रहा हूं
ओम नम शिवाय
ब्रह्म मुरारी सुरार्चिता लिंगम,
निर्मल भाषित शोभित लिंगम,
जन्मज दुखः विनाशक लिंगम,
तत् प्रनमामि सदा शिव लिंगम।
ब्रह्म मुरारी सुरार्चिता लिंगम,
निर्मल भाषित शोभित लिंगम,
जन्मज दुखः विनाशक लिंगम,
तत् प्रनमामि सदा शिव लिंगम।
तेरी बनाई दुनिया में कोई,
तुझसा मिला नहीं,
मैं तो भटका दर बदर कोई,
किनारा मिला नहीं,
जितना पास तुझको पाया,
उतना खुद से दूर जा रहा हूं,
शिव समा रहे मुझमें,
और मैं शुन्य हो रहा हूं,
ओम नमः शिवाय,
शिव समा रहे मुझमें,
और मैं शुन्य हो रहा हूं,
ओम नमः शिवाय ।
मैंने खुदको खुद ही बंधा,
अपनी खींची लकीरों में,
मैं लिपट चूका था,
इच्छा की जंजीरों में।
अनंत की गहराइयों में,
समय से दूर हो रहा हूं,
शिव प्राणों में उतर रहे,
और मैं मुक्त हो रहा हूं।
”उठो हंसराज उठो
उठो वत्श उठो “
वो सुबह की पहली किरण में,
वो कस्तूरी बन के हिरन में,
मेघों में गरजे, गूंजे गगन में,
रमता जोगी रमता मगन में ।
वो ही आयु में,
वो ही वायु में,
वो ही जिस्म में,
वो ही रूह में,
वो ही छाया में,
वो ही धुप में,
वो ही हर एक रूप में।
ओ भोले
ओ…
क्रोध को, लोभ को
क्रोध को, लोभ को
मैं भष्म कर रहा हूं
शिव समा रहे मुझमें,
और मैं शुन्य हो रहा हूं
ओम नमः शिवाय,
शिव समा रहे मुझमें,
और मैं शुन्य हो रहा हूं,
ओम नमः शिवाय।
4. पार्वती बोली शंकर से
पार्वती बोली शंकर से
पार्वती बोली शंकर से
सुनिये भोलेनाथ जी
रहना है हर एक जन्म में
मुझे तुम्हारे साथ जी
वचन दिजिये ना छोडोगे
कभी हमारा हाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी…
जैसे मस्तक पर चंदा है
गंगा बसी जटाओं में
वैसा रखना है अभिनाशी
मुझे प्रेम की छांव में
जैसे मस्तक पर चंदा है
गंगा बसी जटाओं में
वैसा रखना है अभिनाशी
मुझे प्रेम की छांव में
कोई नहीं तुमसा तीनों
लोको में दसों दिशाओ में
महलों से ज्यादा सुख है
कैलाश की खुली हवा में
तुम हो जहां वह होती है
तुम हो जहां वह होती है
अमृत की बरसात जी
रहना है हर एक जन्म में
मुझे तुम्हारे साथ जी
वचन दिजिये ना छोडोगे
कभी हमारा हाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी
देव हो तुम देवों के भोले
अमर हो अंतर यामी हो
भाग्यवान है हम त्रिपुरारी
आप हमारे स्वामी हो
देव हो तुम देवों के भोले
अमर हो अंतर यामी हो
भाग्यवान है हम त्रिपुरारी
आप हमारे स्वामी हो
पुष्प विमानो से प्यारी
हमको नंदी की सवारी जी
युगो युगो से पार्वती
भोले तुमपे बलिहारी जी
जब लाओ तुम ही लाना
जब लाओ तुम ही लाना
द्वारे मेरे बारात जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
प्राण मेरे बस्तें हैं तुममें
तुम बिन मेरी नहीं गति
अग्नि कुण्ड में होके भस्म
तुम हुई थी मेरे लिए सती
शिव बिन जैसे शक्ति अधूरी
शक्ति बिन शिव आधें है
जनमों तक ना टूटेंगे ये
जनम जनम के नातें हैं
तुम ही मेरी संध्या हो गोरी
तुम ही मेरी प्रभात जी
वचन है मेरा ना छोडूंगा
कभी तुम्हारा हाथ जी
सदा रहे हैं सदा रहेंगे
गोरी शंकर साथ जी
है गोरा पार्वती
है गोरा पार्वती
जी भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ भंभू नाथ जी
ओ भोलेनाथ जी
ओ शंकरनाथ जी
ओ मेरा भोला है
मेरे साथ साथ
मैं झूम झूम के नाचु
ओ मेरा भोला है
मेरे साथ साथ
मैं झूम झूम के नाचु
मैं झूम झूम के नाचु
अरे घूम घुम के नाचु
मेरा भोला, हो मेरा भोला
मेरा भोला है
मेरे साथ साथ
मैं झूम झूम के नाचु
मेरा भोला है
मेरे साथ साथ
मैं घुम घुम के नाचु
ओ भोलेनाथ जी
ओ शम्भू नाथ जी
5. शिव शंकर को जिसने पूजा
कर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन-दुखियों का दाता, जगत का पिता
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन-दुखियों का दाता, जगत का पिता
सब पे करता है ये भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा
सबको देता है ये आसरा
इन पावन चरणों में अर्पण आकर जो इक बार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
नाम ऊंचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता
नाम ऊंचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता
इसकी पूजा से वरदान पाते हैं सब
शक्ति का दान पाते हैं सब
शक्ति का दान पाते हैं सब
नाग, असुर, प्राणी सब पर ही भोले का उपकार हुआ
नाग, असुर, प्राणी सब पर ही भोले का उपकार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
6. हर रात्रि शिवरात्रि है
तीन लोक के मालिक शिव हैं,
इस दुनिया के चालक शिव हैं।
तीन लोक के मालिक शिव हैं,
इस दुनिया के चालक शिव हैं।
शिव है रस्ता, शिव है मंज़िल,
हम तमाम मामूली यात्री हैं।
हर दिन शिव का दिन है बंदे,
हर रात्रि शिवरात्रि है।
बारिश की टिप-टिप में शंकर,
पत्तों की खड़-खड़ में शंकर।
जैसे विदेश, शहर, गाँव में बसते हैं,
घर-घर में शंकर।
तू ही तो मेरी पहली उम्मीद है,
तू ही सहारा आखरी है।
हर दिन शिव का दिन है,
बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है।
तन में शंकर मन में शंकर,
मेले में शंकर वन में शंकर।
देखन वाली आंख जावे,
दिखते हैं कण-कण में शंकर।
जीवन मरण के दाता शंकर,
सांसे हैं सबकी चलाता शंकर।
रविराज से, हंसराज से,
खुद है भजन बनवाता शंकर।
रविराज से, हंसराज से,
खुद है भजन बनवाता शंकर।
राजा बना के रखा है शिव ने,
करते हम उसकी चाकरी है।
हर दिन शिव का दिन है, बंदे,
हर रात्रि शिवरात्रि है।
हर दिन शिव का दिन है, बंदे,
हर रात्रि शिवरात्रि है।
7. शिव पार्वती हल्दी
मन से मनौ रे
हल्दी लगाओ रे
लाडो की कंचन
काया को मिलाके
कुन्दन बनाओ रे
कुन्दन बनाओ रे
हल्दी लगाओ रे
बम बम बम भोले
बाबाम बाबाम बम बम भोले
बम बम बम भोले
बाबाम बाबाम बम बम भोले
भस्मे स्वराय विश्वेश्वराय
अर्ध चन्द्राय नमो नमः
आदि देवाय महा देवाय
विश्वगणदाय नमो नमः
भस्मे स्वराय विश्वेश्वराय
अर्ध चन्द्राय नमो नमः
आदि देवाय महा देवाय
विश्वगणदाय नमो नमः
बम बम बम भोले
बाबाम बाबाम बम बम भोले
बम बम बम भोले
बम बम बम भोले
बाबाम बाबाम बम बम भोले...
