Magh Purnima 2025 Puja Vidhi, Shubh Muhurat (माघ पूर्णिमा पूजा विधि और मुहूर्त): माघ पूर्णिमा पर गंगा मैया की उपासना की जाती है। श्रद्धालु इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके मां गंगा को प्रणाम करते हैं और दान-पुण्य संबंधी पुण्य कर्म करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और भोलेनाथ की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। कई भक्त इस पावन दिन पर व्रत भी रखते हैं। मान्यताओं अनुसार इस दिन व्रत रखने से मनुष्य को उसके सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। चलिए आपको बताते हैं इस साल माघ पूर्णिमा पर स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और इस दिन की पूजा विधि क्या है।
Magh Purnima Puja Vidhi And Shubh Muhurat
माघ पूर्णिमा 2025 तिथि व मुहूर्त (Magh Purnima 2025 Date And Time In Hindi)
माघ पूर्णिमा 12 फरवरी 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय समय शाम 05:59 बजे का है। माघ पूर्णिमा स्नान के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 05:19 से 06:10 बजे तक रहेगा।
माघ पूर्णिमा 2025 कुंभ स्नान मुहूर्त 2025 (Magh Purnima 2025 Kumbh Snan Muhurat)
- 05:19 AM से 06:10 AM
- 07:02 AM से 08:25 AM
- 08:25 AM से 09:49 AM
- 11:12 AM से 12:35 PM
माघ पूर्णिमा पूजा विधि (Magh Purnima Puja Vidhi In Hindi)
- इस दिन सुबह उठकर पवित्र नदी में स्नान करें।
- अगर नदी में स्नान न हो पाए, तो घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- फिर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- इस दिन भोलेनाथ की पूजा भी बेहद फलदायी मानी जाती है।
- इस दिन पूजा के समय माघ पूर्णिमा की कथा भी जरूर सुनें।
- विष्णु जी के मंत्रों का जप करें और विष्णु चालीसा का पाठ करें।
- अंत में विष्णु भगवान की आरती करें और उन्हें भोग लगाएं।
- फिर पीपल के पेड़ पर दूध मिलाकर जल चढ़ाएं और साथ ही घी का दीपक भी जलाएं।
- इसके बाद जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, गुड, घी, मोदक, जूते, फल, तिल, कंबल, कपास, अन्न आदि चीजों का दान करें। (माघ पूर्णिमा का राशिफल)
- इस दिन पितरों का श्राद्ध भी जरूर करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा के दिन क्या करें? (Magh Purnima Ke Din Kya Kare)
कहते हैं माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वयं गंगा जल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा में स्नान जरूर करना चाहिए। अगर गंगा में मुमकिन नहीं है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। फिर अपने पितरों का ध्यान करें और अपने सामर्थ्य अनुसार दान दें। कहते हैं ऐसा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है।
