Magh Purnima 2023 Shubh Muhurat and Puja Vidhi: वेदों और पुराणों के अनुसार, माघ मास बहुत पवित्र महीना होता है जो धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत अनुकूल माना जाता है। इस बार माघ पूर्णिमा पर सर्वाद्ध सिद्ध जैसे महायोग के साथ रवि पुष्य योग और विजय मुहूर्त जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं। इसके साथ ही आश्लेषा नक्षत्र में चंद्रमा, गुरु और शनि समेत तीनों ग्रह अपनी ही राशि में मौजूद होंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि माघ पूर्णिमा कहलाती है। कहा जाता है कि इस दिन धार्मिक कार्य करना फलदायक होता है। माघ पूर्णिमा पर आयुष्मान योग, वाशी योग, सुनफा योग भी बन रहे हैं, जो हर कार्य में सफलता दिलाते हैं और जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
माघ पूर्णिमा का महत्व (Magh Purnima Importance)
माघ पूर्णिमा को भारत के कई प्रांतों में माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना बहुत मंगलकारी कहा गया है। दान, तप और जप करने से भगवान माधव खुश होते हैं। माघ पूर्णिमा पर बन रहे ये शुभ योग आपको हर समस्या से मुक्ति दिलाते हैं। माघ पूर्णिमा को बहुत अनुकूल माना जाता है, इस दिन लोग अपने घरों में नई शुरुआत करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन देवता धरती पर अपने कदम रखते हैं और मनुष्य रूप में प्रयाग में जप-तप करते हैं। इसलिए प्रयाग में इस दिन भक्तों का जमावड़ा लगता है। मान्यताओं के अनुसार, पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष मिलता है। इस तिल दान का भी विशेष महत्व है।
यहां जानिए कब मनाई जाएगी माघ पूर्णिमा, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।
माघ पूर्णिमा तिथि: - उदिया तिथि के हिसाब से माघ पूर्णिमा 5 फरवरी दिन शनिवार को है।
माघ पूर्णिमा प्रारंभ: - 4 फरवरी, शनिवार रात 9 बजे से 29 मिनट पर
माघ पूर्णिमा समाप्त: - 5 फरवरी, रविवार रात 11 बजकर 58 मिनट होगा
पूर्णिमा स्नान मुहूर्त - 5 फरवरी, 5 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक।
माघ पूर्णिमा के लिए पूजा विधि Magh Purnima 2023 Shubh Muhurat and Puja Vidhi
माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। अगर आप नदी में स्नान करने में असक्षम हैं तो अपने स्नान करने के जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें। स्नान करने के बाद सूर्य देव की पूजा कीजिए और उनकी अराधना करके अर्घ्य दीजिए। अब पूरा दिन व्रत रखने का संकल्प लीजिए और श्री कृष्ण या भगवान विष्णु की पूजा कीजिए। इस दिन सत्यनारायण पूजा का भी महत्व है।
