Magh Month Worship 2024: माघ मास में की जाती है भगवान श्री कृष्ण की पूजा, जानिए क्या है विधान

Magh Month Worship 2024: हिंदी महीने का 11 वां महीना माघ मास होता है। इस महीने में गंगा स्नान, दान पुण्य का बहुत महत्व है। माघ मास में किसी जरूरतमंद की सहायता करने से उसे ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं माघ के महीने में किस भगवान की पूजा करनी चाहिए।

Magh Month Worship 2024: हिंदू धर्म में माघ के महीने का बहुत महत्व है। इस महीने में गंगा स्नान और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। साल 2024 में माघ मास की शुरुआत 15 जनवरी सो हो रही है। वहीं इस महीने का समापन 19 फरवरी को होगा। इस महीने में प्रयगराज में भारी मेले का आयोजन किया जाता है। माघ मास में संगम में स्नना करने से कई रोगों से मुक्ति मिलती है। इस महीने में भगवान सूर्य देव की भी पूजा की जाती है। इस महीने में जो कोई भी पुण्य करता है। उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है। माघ मास में कल्पवास भी किया जाता है। एक मास तक रहकर श्रद्धालुओं द्वारा कल्पवास कर अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त किया जाता है। आइए जानते हैं माघ के महीने में किस भगवान की पूजा की जाती है।

Magh Month Worship 2024

माघ मास पूजा

शास्त्रों में माघ महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। माघ महीने में इस समय श्रीकृष्ण की पूजा और नदी में स्नान करने से लोग स्वर्ग लोक को प्राप्त होते हैं। माघ माह में गंगा नाम का स्नान करने से भी गंगा स्नान का फल प्राप्त होता है। पुराणों में कहा गया है कि माघ महीने में जब सूर्य मकर राशि में हो तो सुबह-सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इस महीने में सुबह- सुबह स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

माघ मास पूजा विधान

धर्म शास्त्रों के अनुसार इस महीने में अगर आप श्री कृष्ण की पूजा करेंगे तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। माघ के महीने में सुबह श्री कृष्ण की पूजा करने से पहले तिल, जल, फूल और कुश लेकर संकल्प करना चाहिए। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रार्थना और पूजा करें। भगवान कृष्ण को घर का बना भोजन ही अर्पित करें। भगवान श्री कृष्ण के भोग में तुलसी दल जरूर डालें।

माघ मास महत्व ( Magh Mash Importance)

माघ माह के महत्व का उल्लेख महाभारत एवं अन्य ग्रंथों में मिलता है। महाभारत के अनुशासन पर्व के अनुसार जो व्यक्ति माघ माह में नियमित रूप से दिन में एक बार भोजन करता है, उसका जन्म धनवान परिवार में होता है और उसका परिवार में महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसी अध्याय में कहा गया है कि माघ महीने की द्वादशी के दिन दिन-रात उपवास करके भगवान माधव की पूजा करने से भक्त को राजसूय यज्ञ का फल मिलता है और उसके परिवार का उद्धार होता है।

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