Magh Bihu 2023: फसलों की अच्छी पैदावार के लिए असम के लोग भगवान का धन्यवाद करते हैं और नई फसल की कटाई करते हैं । इसी दिन को असम में माघ बिहू के रुप में मनाया जाता है । इसे असम में लोग नववर्ष के रूप में भी मानते हैं। मुख्यत रूप से यह असम के लोगों का त्योहार है इसे भोगली बिहू भी कहा जाता है । माघ माह में इसे हर साल यह उत्सव मनाया जाता है । इस दिन लोग धूमधाम से फसलों की कटाई करते हैं और फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भगवान को धन्यवाद करते हैं। जगह जगह कार्यक्रम का आयोजन होता है , पारंपरिक मिठाई बनाई जाती है और लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं। दो दिन चलने वाला यह त्योहार असम में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है ।
माघ बिहू पर्व कहां और कैसे मनाया जाता है?
कब है माघ बिहू (Magh Bihu 2023 Date)
माघ बिहू 15 जनवरी रविवार से 16 जनवरी सोमवार तक मनाया जाएगा। इसे मुख्यत असम राज्य में मनाया जाता है। माघ बिहू की तैयारियां एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाती है । लोग एक दूसरे के घर भोजन करने जाते हैं।
ऐसे मनाते हैं माघ बिहू (How Celebrated Magh Bihu)
ये त्योहार दो दिन तक चलता है पहले दिन को उरुका बिहू कहा जाता है । इस दिन घर से सभी पुरुष खेत में जाते हैं और बांस , पत्ते और छप्पर से झोपड़ी बनाते हैं। नई फसल से अलग अलग पकवान बनाए जाते हैं। शाम के समय सभी लोग आग जलाकर उसे आस पास पारंपरिक नृत्य करते हैं और रातभर जागते है । आग से बची हुई लकड़ी और राख को खेत में डाला जाता है ।अगले दिन सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान किया जाता है और घर के सभी सदस्य मिलकर अपनी फसलों की पूजा करते हैं।
बनते है खास पकवान (Magh Bihu Festival Food)
इस दिन असम के खास पकवान बनाए जाते हैं और दोस्तों परिवारों में बांटे जाते हैं । महिलाएं घर पर चिवड़ा , लड्डू , कराई , खार ,आलू पीतिका , जाक आदि पकवान बनाते हैं ।
पारंपरिक खेलों का होता है आयोजन: इस त्योहार में पारंपरिक खेल जैसे टेकेली भोंगा , भैंस लड़ाई , मुर्गों की लड़ाई का आयोजन होता है।
