Maa Kali ki Puja Vidhi: कैसे की जाती है घर में मां काली की पूजा, जानिए माता भगवती के इस स्वरूप की पूजा विधि और मंत्र

Maa Kali ki Puja Vidhi (मां काली की पूजा विधि): मां काली को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। मां भगवती के इस रूप ने समय-समय पर संसार की दुष्ट असुरों से रक्षा की है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार मां काली की पूजा का विधान सबसे अलग होता है क्योंकि इनकी पूजा-अर्चना से आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं मां काली की पूजा विधि।

Maa Kali ki Puja Vidhi (मां काली की पूजा विधि): पौराणिक ग्रंथों के अनुसार शक्ति की दस महाविद्या में से पहली मां काली को महाकाली भी कहा जाता है। चौंसठ योगिनी में भी मां काली का उल्लेख आता है। देवी भागवत पुराण के मुताबिक मां काली को काल यानी की मृत्यु की देवी भी कहा जाता है, जिनकी पूजा करने से अकाल मृत्यु का प्रभाव भी कम होता है। महा काली भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की शक्ति हैं। ब्रह्म नील तंत्र के अनुसार मां काली रक्त वर्ण और कृष्ण वर्ण, दो रूपों में पूजी जाती हैं। कृष्ण वर्ण की मां काली का नाम दक्षिणा माना जाता है और रक्त वर्ण की मां काली का नाम सुंदरी माना जाता है। मां काली का स्वरूप अत्यंत ही अनोखा होता है जिनके हाथों में त्रिशूल, हंसुली, और खड्ग जैसे कई शास्त्र होते हैं। मां काली की पूजा करने से भय का नाश होता है और रोग-दोषों से मुक्ति मिलती है। इनकी पूजा से कुंडली में राहु और केतु ग्रह को भी शांत किया जा सकता है और नकारात्मक शक्तियों दूर किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का दिन मां भगवती की पूजा का माना जाता है जिस दिन मां काली की पूजा की जा सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मां काली की पूजा विधि क्या है।

Maa Kali Puja Vidhi aur Mantra In Hindi

Maa Kali ki Puja Vidhi (मां काली की पूजा विधि)

घर पर की जाने वाली मां काली की पूजा का विधान कुछ इस प्रकार से है -

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