Gulal Ke Upay: हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि को बहुत फलदायी तिथि के रूप में जाना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत के लिए समर्पित है। हर माह दो एकादशी होती है और पूरे साल में कुल मिलाकर 24 एकादशी होती है। शास्त्रों में सभी एकादशियों का अपना-अपना महत्व बताया गया है, इनमें फाल्गुन मास के एकादशी का खास महत्व है। इस बार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी 3 मार्च के दिन पड़ रही है। यह एकादशी होली से पहले होती है और इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एकादशी में भगवान विष्णु के साथ भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की भी पूजा की जाती है।
रंगभरी एकादशी का खास महत्व
पौराणिक मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता पार्वती से विवाह करने के बाद पहली बार एक साथ काशी नगरी गए थे। जहां पर लोगों ने भगवान शिव और मां पार्वती का रंगों और गुलाल के साथ उनका स्वागत किया गया था। यही कारण हैं कि रंगभरी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस एकादशी के दिन गुलाल के कुछ खास उपाय बताए गए हैं, जिससे व्यक्ति को धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जीवन की परेशानियों को दूर करने के निए रंगभरी एकादशी के दिन कुछ उपाय भी कर सकते हैं।
कर्ज से मुक्ति पाने के लिए
रंगभरी एकादशी को आंमलकी एकादशी भी कहा जाता है। इस एकादशी के दिन आंवले का विशेष महत्व होता है। इस दिन श्री हरि को आंवला चढ़ाकर व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिल सकता है। इसके अलावा पैसों से जुड़ी तंगी भी खत्म हो सकती है।
आर्थिक तंगी से मिलेगी राहत
अगर आपके घर में आर्थिक तंगी चल रही है, तो इस एकादशी को सफेद चंदन से भोलेनाथ का श्रृंगार कर उन्हें भांग, गुलाल और अबीर जैसी उनकी प्रिय वस्तु अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ अवश्य पढ़ें। ऐसा करने से आपको आर्थिक तंगी से राहत मिलने के साथ धन-दौलत में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आप पर सदैव भगवान की कृपा बनी रहेगी।
दांपत्य जीवन को सुखी बनाने के लिए
अगर आपका दांपत्य जीवन सुखमय नहीं चल रहा है, तो इसे खुशहाल बनाने के लिए रंगभरी एकादशी के दिन शिवालय में भगवान शिव और माता पावर्ती को गुलाल अपर्ति कर सकते हैं। इससे भोलेनाथ की कृपा आपके सुखी दांपत्य जीवनपर बना रहेगा। ऐसी मान्यता है कि एकादशी पर इस तरह भोलेनाथ को याद करने से वैवाहिक जीवन सुखमय हो सकता है और पति-पत्नी के बीच में प्यार बढ़ता है।
पति की दीर्घ आयु के लिए
पति की दीर्घ आयु के लिए रंगभरी एकादशी के दिन कच्चे दूध से शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं और माता पार्वती का श्रृंगार कर सिंदूर चढ़ाएं। इसके बाद ये सभी श्रृंगार का सामान विवाहित महिलाओं को दें। ऐसा करने से आपको अखंड सौभाग्यवती का वरदान मिलता है और पति का स्वास्थ्य अच्छा रहने के साथ दीर्घ आयु मिलती है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
