Kedarnath Closing Date 2026: बाबा केदार के दर्शन की यात्रा अभी जारी है। लेकिन श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि इस साल यानी 2026 में केदारनाथ धाम के कपाट कब बंद होंगे। कई यात्रा वेबसाइटों पर 11 नवंबर 2026, बुधवार की संभावित तारीख बताई जा रही है। हालांकि अभी इसे अंतिम और आधिकारिक तारीख नहीं माना जाना चाहिए।
केदारनाथ के कपाट कब बंद हो सकते हैं 2026 में , एक बात जो नोट करनी है जरूरी
बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की औपचारिक घोषणा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी BKTC की ओर से की जाती है। इसलिए टिकट, होटल या हेलिकॉप्टर सेवा बुक करने से पहले समिति का ताजा अपडेट जरूर देखें।
केदारनाथ धाम के कपाट कब बंद होंगे 2026 में
केदारनाथ मंदिर के कपाट हर साल दीपावली के बाद भाई दूज के अवसर पर बंद करने की परंपरा है। ऐसे में उपलब्ध यात्रा सूचनाओं के अनुसार, केदारनाथ धाम की संभावित क्लोजिंग डेट 11 नवंबर 2026 बताई गई है। कुछ कैलेंडर भी 11 नवंबर को ही भाई दूज मान रहे हैं, जबकि पंचांग आधारित सोर्स भाई दूज की सही तारीख 10 नवंबर की मान रहे हैं।
इसी अंतर के कारण फिलहाल केदारनाथ के कपाट होने की फिलहाल कोई सटीक डेट सामने नहीं आई है। केदारनाथ बंद होने की संभावित तारीख 11 नवंबर मानी जा रही है। हालांकि केदारनाथ धाम की अंतिम क्लोजिंग डेट और कपाट बंद होने का समय BKTC की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। बता दें कि खबर लिखे जाने तक BKTC की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी 2026 की क्लोजिंग डेट दिखाई नहीं गई है।
केदारनाथ के कपाट बंद होने की घोषणा कब होती है
केदारनाथ के कपाट बंद होने की तारीख धार्मिक परंपराओं और पंचांग की गणना के आधार पर तय की जाती है। आमतौर पर विजयादशमी के आसपास शीतकालीन कपाट बंद होने से जुड़ी औपचारिक जानकारी सामने आती है।
इसलिए यात्रियों को सलाह है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी तारीख को अंतिम मानकर अपनी यात्रा तय न करें। विशेष रूप से नवंबर में मौसम तेजी से बदलता है। बर्फबारी, बारिश या प्रशासनिक परिस्थितियों के कारण यात्रा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
कैसे बंद होते हैं केदारनाथ मंदिर के कपाट
कपाट बंद होने का दिन केदारनाथ धाम में बेहद भावुक माहौल लेकर आता है। सुबह बाबा केदार की विशेष पूजा और अभिषेक किया जाता है। मंदिर को फूलों से सजाया जाता है। वैदिक मंत्रों और सेना के बैंड की धुन के बीच बाबा केदार की पंचमुखी डोली धाम से रवाना होती है।
कपाट बंद होने के बाद मंदिर लगभग छह महीने तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहता है। मान्यता है कि शीतकाल में देवता बाबा केदार की पूजा करते हैं।
सर्दियों में कहां होते हैं बाबा केदार के दर्शन
केदारनाथ मंदिर बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली को ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर लाया जाता है। यही बाबा केदार की शीतकालीन गद्दी है। डोली यात्रा केदारनाथ से विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए ऊखीमठ पहुंचती है। इसके बाद पूरे शीतकाल बाबा केदार की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में होती है। जो श्रद्धालु केदारनाथ नहीं पहुंच पाते, वे सर्दियों में ऊखीमठ जाकर दर्शन कर सकते हैं।
नवंबर में केदारनाथ यात्रा करें तो रखें ध्यान
कपाट बंद होने से ठीक पहले केदारनाथ का मौसम काफी ठंडा हो जाता है। रात का तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे पहुंच सकता है। रास्ते पर पाला और बर्फ मिलने की आशंका भी रहती है। ऐसे में यात्रा से पहले ये तैयारियां जरूरी हैं-
- गर्म जैकेट, थर्मल और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें।
- केदारनाथ यात्रा पंजीकरण पहले पूरा कर लें।
- मौसम और मार्ग की स्थिति रोज जांचें।
- हेलिकॉप्टर टिकट केवल अधिकृत माध्यम से बुक करें।
- बुजुर्ग और बीमार यात्री डॉक्टर से सलाह लेकर ही जाएं।
- यात्रा में एक-दो अतिरिक्त दिन की गुंजाइश रखें।
फिलहाल 11 नवंबर 2026 को केदारनाथ की संभावित क्लोजिंग डेट माना जा सकता है, लेकिन इसे पक्की तारीख न समझें। अंतिम तारीख और समय के लिए BKTC तथा उत्तराखंड प्रशासन की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
