Karwa Chauth Vrat Niyam In Hindi (How To Do Karwa Chauth Pooja in Periods): हिंदू धर्म में करवा चौथ व्रत का खास महत्व माना गया है। पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला ये सबसे लोकप्रिय व्रत है। मान्यता है इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इस व्रत में शादीशुदा महिलाएं अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं करती हैं। इस व्रत से जुड़े कुछ विशेष नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है जैसे कि अगर ये व्रत एक बार शुरू कर दिया जाए तो इसे हमेशा रखना चाहिए। लेकिन अगर किसी साल करवा चौथ व्रत के दौरान पीरियड्स आज जाएं तो क्या ये व्रत रखना चाहिए या नहीं? (Can We Do Karwa Chauth Pooja in Periods) जानिए करवा चौथ के समय पीरियड्स आने पर क्या करें।
Karwa Chauth 2023: करवा चौथ में पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें?
Periods Me Karwa Chauth Vrat Kaise Rakhe (करवा चौथ व्रत में पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें)
शास्त्रों के अनुसार अगर महिलाएं पीरियड्स के दौरान करवा चौथ व्रत रखती हैं तो इसका कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। दरअसल इस व्रत का एक जरूरी नियम है कि अगर ये व्रत एक बार शुरू कर दिया जाए तो इसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे में अगर किसी साल करवा चौथ व्रत के समय पीरियड्स आ जाएं तो भी ये व्रत रखना चाहिए। चाहे व्रत शुरू करने से पहले चाहे बाद में कभी भी पिरियड्स आ जाएं तो भी ये व्रत पूरी श्रद्धा से और नियमानुसार रखना चाहिए।
Periods Me Karwa Chauth Vrat Ki Puja Kar Sakte Hai (क्या पीरियड्स के दौरान करवा चौथ की पूजा की जा सकती है)
वैसे तो पीरियड्स के समय पूजा-पाठ करने की मनाही होती है। लेकिन, चूंकि करवा चौथ व्रत साल में एक बार आता है तो ऐसे में इसकी पूजा नहीं छोड़नी चाहिए। ऐसे में आप ये कर सकती हैं कि खुद पूजा स्थान से थोड़ा दूर बैठकर घर की किसी अन्य महिला से पूजा करा सकती हैं। इस तरह से आपकी अधूरी नही मानी जाएगी। हालांकि पीरियड्स के दौरान चांद को अर्घ्य देने की कोई मनाही नहीं है। आप पीरियड्स में भी विधि विधान चांद को अर्घ्य दे सकती हैं और चांद के छलनी से दर्शन करके अपना उपवास खोल सकती हैं।
Periods Me Karwa Chauth Vrat Kaise Rakhe (पीरियड्स के दौरान कैसे करें करवा चौथ की पूजा और उपवास)
यदि आपको करवा चौथ व्रत के समय पीरियड्स आ जाए तो आप विधि विधान सरगी खाएं और बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत आरंभ करें। पूरे दिन निर्जला उपवास रखें और रात के समय पूजा में शामिल हो जाएं। पीरियड्स में मंदिर न जाएं बल्कि घर पर ही किसी अन्य महिला से पूजा कराएं और उस पूजा में दूर बैठकर शामिल हो जाएं। इस दिन आप सोलह श्रृंगार कर सकती हैं। हालांकि पीरियड्स में करवा चौथ की पूजा का सामान या कथा की किताब स्पर्श करने से बचें, लेकिन किसी अन्य महिला से इस व्रत की कथा अवश्य सुनें।
यदि आपके घर में कोई महिला नहीं है तो आप अपने पति से भी पूजा करा सकती हैं क्योंकि पति-पत्नी को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है। ऐसे में पति के पूजा करने से आपको पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाएगा।
