Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi, Vrat Katha Time: करवा चौथ पूजा कैसे करें? यहां जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि

Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Katha in Hindi: करवा चौथ की पूजा महिलाएं शाम में करती हैं। इस साल करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:33 से 06:52 तक रहेगा। करवा चौथ की व्रत कथा भी इसी मुहूर्त में करना होगी। अब जानिए करवा चौथ की पूजा विधि विस्तार से यहां।

Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Katha: करवा चौथ सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इस साल ये त्योहार 1 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शाम में करवा माता की पूजा करती हैं और फिर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। मान्यता है इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पंचांग अनुसार ये व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पड़ता है। करवा चौथ व्रत की पूजा में थाली, मिट्टी के दीपक, मिठाई, कुमकुम, रोली, अक्षत, व्रत कथा पुस्तक, नारियल, छलनी, कपूर समेत तमाम सामग्रियों की जरूरत होती है। यहां जानिए करवा चौथ व्रत की पूजा विधि विस्तार से।

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Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi And Muhurat In Hindi

Karwa Chauth Puja Vidhi 2023 (करवा चौथ पूजा विधि 2023)

  • शाम की पूजा के लिए सोलह श्रृंगार करके तैयार हों जाएं।
  • फिर दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएं या बाजार से चित्र लाकर दीवार पर लगाएं।
  • इसके बाद चावल के आटे में हल्दी मिलाकर जमीन पर चित्र बना लें।
  • फिर उस चित्र के ऊपर करवा रखें और उसके ऊपर घी का जलता हुआ दीपक रखें।
  • करवा में आप अपनी श्रद्धानुसार 21 या 11 सींकें लगाएं और करवा को खील बताशे, साबुत अनाज से भर दें।
  • इसके बाद भोग के लिए पूड़ियां, मीठा हलवा, खीर आदि बनाएं। ध्यान रखें कि भोजन में प्यार या लहसुन का प्रयोग नहीं करना है।
  • करवा के साथ आप सुहाग की सामग्री भी अवश्य चढ़ाएं।
  • करवा के पूजन के साथ एक लोटे में जल भर कर रखें। इसी लोटे से चन्द्रमा को जल दिया जाता है।
  • इसके बाद करवा चौथ के मंत्रों जाप करें। मंत्र नीचे दिए गए हैं।
  • इसके बाद करवा चौथ की व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  • फिर रात में चांद निकलने के बाद चंद्रमा को का पूजन कर अर्घ्य दें।
  • इसके बाद छलनी में आटे का दीपक रखकर पहले चांद और फिर पति को देखें।
  • इसके बाद खुद या पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत पूरा करें।
  • इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराके उन्हें यथाशक्ति दक्षिणा दें।
  • अपनी सास को कपड़े, सूखे मेवे, नारियल, मिठाई और फल इत्यादि सामग्री भेंट करें।
  • अगर सास जीवित न हो तो उन्के तुल्य किसी अन्य स्त्री को भेट कर दें।
  • कई जगह इस दिन थाली घुमाने की परंपरा भी निभाई जाती है।
  • इसके लिए शाम की पूजा के समय सबसे पहले एक कलश स्थापित कर लें।
  • फिर उस कलश में जल भर दें और उसके ऊपर आम के पत्ते लगाकर उस पर नारयिल रखें।
  • फिर हाथ जोड़कर करवा माता का आह्वान करें।
  • इसके बाद करवा माता का चित्र अपने सामने लगाएं और पूजा की थाली को कलश के बाईं तरफ से लेते हुए दाईं तरफ तक ले जाएं।
  • फिर दाईं ओर से थाली बाएं हाथ से पकड़कर बाईं ओर लेकर आएं। ऐसा 4 या फिर 7 बार करना है।
  • थाली घुमाने की परंपरा कई महिलाएं साथ मिलकर भी करती हैं लेकिन आप चाहें तो इसे अकेले भी कर सकती हैं।
Karwa Chauth 2023 Samagri List

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