Kartik Maas Ki Katha: कार्तिक मास की कथा, पढ़ें भगवान श्री कृष्ण और बुढ़िया की कहानी

Kartik Maas Ki Katha (कार्तिक मास की कथा): इस साल 8 अक्तूबर 2025 से 5 नवंबर 2025 तक कार्तिक मास रहा। आज कार्तिक मास का आखिरी दिन है। इस महीने में कई सारे व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। ये महीना काफी शुभ है और इस महीने में अगर यहां दी गई कथा पढ़ी जाए तो जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।

Kartik Maas Ki Katha (कार्तिक मास की कथा): कार्तिक मास की पौराणिक कथा अनुसार, एक गांव में एक बुढ़िया रहती थी जो कार्तिक का व्रत रखा करती थी। उसके व्रत खोलने के समय भगवान कृष्ण आते और एक कटोरा खिचड़ी रखकर चले जाते। उस बुढ़िया के पड़ोस में एक औरत रहती थी जो ये देखकर जला करती थी कि इसका कोई नहीं है फिर भी इसे खाने के लिए खिचड़ी मिल ही जाती है। एक दिन कार्तिक महीने का स्नान करने बुढ़िया गंगा गई और पीछे से कृष्ण भगवान उसके लिए खितड़ी रख गए। पड़ोसन ने देखा कि अभी बुढ़िया घर पर नहीं है तब वह कटोरा उठाकर घर के पिछवाड़े फेंक आई।

कार्तिक मास की कथा (pic credit: iStock)

जब कार्तिक स्नान करके बुढ़िया घर आई तो उसे खिचड़ी का कटोरा नहीं मिला और वह भूखी ही रह गई। बार-बार एक ही बात कहती कि कहां गई मेरी खिचड़ी और कहां गया मेरा खिचड़ी का कटोरा। पड़ोसन ने जहां खिचड़ी गिराई थी वहां एक पौधा निकल आया जिसमें दो फूल खिले।

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