Kanha Ki Chhathi Ke Bhajan (कान्हा जी की छठी के भजन लिरिक्स): भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि के दिन जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है और इसके 6 दिन बाद कान्हा जी की छठी मनाई जाती है। आज यानी 21 अगस्त को कृष्ण छठी है। आज के दिन लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया जाएगा। पूजा-पाठ और भोग लगाकर लड्डू गोपाल की छठी पूजा की जाएगी। साथ ही इस दिन ढोलकर बजाकर छठी के गीत भी गाए जाते हैं। यहां से आप कृष्ण की छठी पूजा के 3 सुपरहिट गीत के लिरिक्स देख सकते हैं। यहां ये लिरिक्स हिंदी में मौजूद हैं।
नंद बाबा छठी बधाई छठी आज मनाए कान्हा की (Nand Baba Badhai Chatti Aaj Manaye Kanha ki)-
छठी आज मनाएं कान्हा की, मेरे लल्ला की, छठी आज मनाएं लल्ला की...
हुआ जन्म अष्टमी रात हो रात, हो रात, छठी आज मनाएं लल्ला की...
हुआ जन्म अष्टमी रात हो रात, हो रात, छठी आज मनाएं लल्ला की
घर घर माखन मिसरी बांट रहे हैं, अपने लाल के होने पर
आज खुशियों का नहीं ठिकाना, छठी लाल के होने पर
नंद बाबा बधाई आज, हो आज, छठी आज मनाएं लल्ला की
हुआ जन्म अष्टमी रात हो रात, हो रात, छठी आज मनाएं लल्ला की
भोले शंकर भी देखने आए, विष्णु के अवतार को।।
माता यशोदा लेकर आई, जग के पालनहार को
देख मगन हो गए हैं शंभु, गोद में लियो उठाए हो।
हुआ जन्म अष्टमी रात, छठी आज मनाएं लल्ला की...
मंगलमय आनंद है छाया, गोकुल के हर घर घर में,
उत्सव का माहौल है छाया नंद गाव के हर घर में,
मेला सा लगा है आज हो आज छठी आज मनाए लल्ला की।
हुआ जन्म अष्टमी रात, छठी आज मनाएं लल्ला की...
नंद के आनंद भयो है,जय कन्हैया लाल की।
मेरी लगी है दरस की आस हो, आस,। छठी आज मनाएं लल्ला की।
हुआ जन्म अष्टमी रात हो रात, छठी आज मनाएं लल्ला की..
कन्हैया मेरी गोदी आजा (Kanhaiya Meri Godi Aaja)-
लाड लडाऊ तने मनाऊ घनी करू मनवार,
तू एक बार गोदी आजा, श्याम मेरी गोदी आजा
देख देख तने माँ को ,हिवड़ो हरषे ,
गोदी खिलवान ताई,मन तरसे,
मै बन जाऊ घोड़ो लाला,तू बनजा आस्वार,
तू एक बार गोदी आजा.....
मोर मुकुट सर पे आज्या सजादू,
छोटी सी बंसी तेरे हाथा मै थमादु,
घने चाव से तने पिराऊ गल बैजंती हार
तू एक बार गोदी आजा.....
आँगन मै डोलेगा जद कुंवर कन्हया,
रुनक झुनक तेरी बजेगी पेजणिआ,
रोम रोम खिल जावे जद तू मुल्के किलकारी मार,
तू एक बार गोदी आजा.....
आजा रे कान्हा तने माखन खुवासयु,
काजल को टीको तेरे माथे पे लगासायु
हर्ष कहे तू बेगो आज्या लेउ नजर उतार
तू एक बार गोदी आजा.....
जन्म लियो कान्हा ने (Janam Liyo Kanha Ne)-
बोलो जय जयकार जन्म लियो कान्हा ने,
झुम उठो संसार जन्म लियो कान्हा ने,
छाई खुशी अपार जन्म लियो कान्हा ने,
सोले कला अवतार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
जन्म लियो जब कान्हा ने तो ऐसी माया फिरगी,
कडके बिजली आसमान में काली घटाये घिरगी,
बरसे मुसलधार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
किस्मत से है आई देखो आज कैसी शुभघडियां,
बन्दी घर के ताले टूटे खुल गई है हथकडियां,
सोगे पहरेदार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
वासुदेव चले कान्हा को ले जब गोकुल की राही,
कान्हा के दर्शन करने को जमुना भी चढ आई,
पहुंच नन्द के द्वार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
नन्द बाबा और मात यशोदा फूले नही समाये,
ब्रज भुमि मे ग्वाल गोपियां मिलके खुशी मनाये,
गाये रामोतार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
