आज रात 8 से 12 के बीच पढ़ लें ये भैरव अष्टक स्तोत्र, हर समस्या का मिलेगा समाधान, बेहद है शक्तिशाली

Kaal Bhairav Ashtak Benefits : भगवान शिव सबसे उग्र और शक्तिशाली रूप काल भैरव हैं। इस कारण भगवान काल भैरव के अष्टक का पाठ बेहद ही शक्तिशाली माना गया है। मान्यता है कि इसका पाठ करने मात्र से नकारात्मक शक्तियां दूर भाग जाती हैं। अगर इसका पाठ अनुष्ठानपूर्वक कर लिया जाए तो असाध्य रोग से लेकर नामुमकिन चीज भी मुमकिन हो जाती है। आइए जानते हैं कि काल भैरव अष्टक स्तोत्र क्या है और उसे आज काल भैरव अष्टमी के दिन कैसे करें?

Kaal Bhairav Ashtak Benefits : 12 नवंबर का भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली और रौद्र स्वरूप बाबा काल भैरव का जयंती का पर्व है। यह मार्गशीर्ष माह के कृष्णपक्ष की पंचमी के दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि काल भैरव जयंती पर अगर काल भैरव अष्टक स्तोत्र का पाठ कर लिया जाए तो प्रभु की कृुपा प्राप्त होती है।आदिशंकराचार्य जी द्वारा लिखित ये अष्टक इतना शक्तिशाली है कि इसके पाठ से राहु-केतु, शनि, तंत्र-मंत्र, शत्रु, डर, कर्ज सब से मुक्ति मिल जाती है। आज शाम 8 बजे के बाद सरसों का तेल का दीपक जलाकर इस अष्टक का पाठ करें।

काल भैरव अष्टक स्तोत्र

काल भैरव अष्टक स्तोत्र

काल भैरव अष्टक पढ़ने से मिलते हैं ये बड़े लाभ

काल भैरव अष्टक रोज या आज जयंती पर पढ़ने से राहु-केतु का दोष 100% खत्म हो जाता है, अचानक आने वाली परेशानियां हमेशा के लिए बंद हो जाती हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा असर कम पड़ता है, करियर में रुकावटें अपने आप हटने लगती हैं। तंत्र-मंत्र, ब्लैक मैजिक और नजर दोष से पूरी सुरक्षा मिलती है, कोई नेगेटिव एनर्जी घर में घुस ही नहीं पाती है।

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