Jaya Parvati Vrat Katha In Hindi: इस पौराणिक कथा के बिना अधूरा है जया पार्वती व्रत, आज यहां से पढ़ें विजया पार्वती व्रत की कहानी

Jaya Parvati Vrat Ki Katha: आज 27 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिस दिन से जया पार्वती व्रत का आरंभ हुआ है। आज यहां पर आप जया पार्वती व्रत की कथा के बारे में जानेंगे, जिसे पढ़ने के बाद ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है।

Jaya Parvati Vrat Katha In Hindi: जया पार्वती व्रत यानी विजया पार्वती व्रत का अपना धार्मिक महत्व है, जो कि कुल 5 दिनों तक रखा जाता है। द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि से जया पार्वती व्रत का आरंभ होता है, जिसका समापन 5वें दिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर होता है। वहीं, व्रत का पारण छठे दिन होता है। इस दौरान व्रत रखने के साथ-साथ मां पार्वती के जया रूप की पूजा की जाती है। साथ ही भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। इस बार आज 27 जुलाई 2026 से जया पार्वती व्रत का आरंभ हुआ है, जिसका समापन 5 दिन बाद 31 जुलाई को होगा।

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जया पार्वती व्रत की कथा क्या है?

मान्यता है कि जया पार्वती व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को योग्य वर, विवाहित महिलाओं को पति की लंबी उम्र के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन और निसंतान दंपति को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, जया पार्वती व्रत की पूजा विजया पार्वती व्रत की कथा पढ़े बिना अधूरी होती है। चलिए अब जानें जया पार्वती व्रत की कथा के बारे में।

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