Janmashtami Vrat Niyam: जन्माष्टमी व्रत में क्या पानी पी सकते हैं- जानें कान्हा के जन्मदिन पर क्या करें, क्या नहीं करना चाहिए

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Sep 6, 2023, 08:01 AM IST

Janmashtami Vrat Niyam, Janmashtami Vrat Do's And Dont's In Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन व्रत के साथ कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। यहां आप जान सकते हैं कि जन्माष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? तुलसी का पत्ता तोड़ना चाहिए या नहीं? जन्माष्टमी पर क्या करें क्या ना करें? आप विस्तार से जान सकते हैं।

Janmashtami Vrat Niyam, Janmashtami Vrat Do's And Dont's In Hindi: जन्माष्टमी को लेकर पूरे देश में एक अलग ही धूम देखने को मिल (Janmashtami Vrat Niyam) रही है। हर तरफ जय श्री कृष्णा, राधे श्याम के मंत्रों का जप हो (Janmashtami Vrat Ke Niyam) रहा है। हालांकि इस बार लोग जन्माष्टमी के पावन पर्व की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति (Janmashtami Vrat Ke Niyam In Hindi) में हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार जन्माष्टमी का पावन पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि कोहुआ था।

Janmashtami Vrat Ke Niyam, Janmashtami Vrat Do's And Dont's In Hindi

Janmashtami Vrat Niyam: यहां देखें जन्माष्टमी पर क्या करें और क्या नहीं करना चाहिए?

हालांकि इस बार जन्माष्टमी का पर्व 06 और 07 सितंबर दो दिन मनाया जा (Janmashtami Vrat Do's and Dont's) रहा है। 06 सितंबर को जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। वहीं 07 सितंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:55 से 12:41 तक है। मान्यता है कि इस दौरान लड्डू गोपाल की विधि विन से पूजा अर्चना करने से जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण होता है तथा भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद अपने भक्तों पर सदैव बना रहता है। इतना ही नहीं पौराणिक कथाओं की मानें तो इस दिन व्रत करने मात्र से एक हजार एकादशी व्रत के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है।

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