Sacred Rivers: गंगा से गोदावरी तक...भारत की 5 पवित्र नदियां और उनके उद्गम की पौराणिक गाथाएं

भारत में नदियों को जीवनदायिनी और अत्यंत पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि उनके उद्गम स्थल से जुड़ी कहानियां सुनने को मिलती हैं। आज हम आपको देश की 5 पवित्र नदियों और उनके उद्गम स्थल की कहानियां सुनाएंगे।

5 Sacred Rivers: भारतीय संस्कृति में नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि जीवन, मोक्ष और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक मानी जाती हैं। वेदों से लेकर पुराणों तक नदियों को देवी का स्वरूप बताया गया है। माना जाता है कि इन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और मन को शांति मिलती है। लेकिन इन नदियों का महत्व केवल उनके प्रवाह में नहीं, बल्कि उनके उद्गम स्थलों से जुड़ी धार्मिक कथाओं में भी छिपा है। आइए जानते हैं भारत की पांच सबसे पवित्र नदियों (Holy Rivers of India) और उनके उद्गम की पौराणिक कहानियां...

Sacred Rivers

भारत की पवित्र नदियां और उद्गम की कहानियां

1. गंगा नदी

भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा का उद्गम हिमालय के गौमुख ग्लेशियर से माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गंगा मूल रूप से स्वर्गलोक में प्रवाहित होती थीं। राजा सगर के 60 हजार पुत्रों के उद्धार के लिए राजा भगीरथ ने कठोर तप किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा धरती पर आने के लिए तैयार हुईं।लेकिन उनके प्रचंड वेग से पृथ्वी के विनाश का खतरा था। तब भगवान शिव ने अपनी जटाओं में गंगा को धारण कर उनके वेग को नियंत्रित किया। इसी कारण शिव को गंगाधर कहा जाता है। गौमुख से निकलने वाली धारा को भागीरथी कहा जाता है, जो देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा कहलाती है।

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