Ashadha Amavasya: नदी या तालाब न जा सकें तो आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें? जानें घर में कैसे करें पितरों का तर्पण

Ashadha Amavasya: आषाढ अमावस्या के दिन नदी किनारे पितरों के तर्पण का खास महत्व है। यदि ऐसा करना संभव न हो तो आप घर में भी तर्पण के कुछ उपाय अपना सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ कारगर उपाय जो आपको आषाढ अमावस्या के दिन करने चाहिए।

Ashadha Amavasya: आषाढ़ अमावस्या (14 जुलाई 2026) को पितरों के तर्पण, श्राद्ध और उनके निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। परंपरा के अनुसार तर्पण का सर्वोत्तम विधान किसी पवित्र नदी, सरोवर या जलाशय के तट पर किया जाता है। लेकिन आज के समय में हर व्यक्ति के लिए नदी या तीर्थ तक पहुंचना संभव नहीं होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या घर पर भी पितरों के लिए कोई धार्मिक अनुष्ठान किया जा सकता है?

Ashadha Amavasya

आषाढ अमावस्या पर कैसे करें पितरों का तर्पण

ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, नदी के तट पर किया गया तर्पण ही शास्त्रों में मूल विधान माना गया है। घर पर किए जाने वाले पूजन और अनुष्ठान उसका विकल्प नहीं, बल्कि परिस्थितिवश अपनाए जाने वाले वैकल्पिक धार्मिक उपाय (Pitru Tarpan Without River) हैं। इसलिए यदि संभव हो तो तर्पण नदी या पवित्र जलाशय पर ही करें। आइए जानते हैं पितरों के तर्पण के लिए कुछ खास विकल्प...

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