Holika Dahan Kyon Manaya Jata Hai In Hindi (होलिका दहन क्यों मनाया जाता है): होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए होलिका की पूजा करती हैं। कहते हैं होलिका दहन करने से घर से सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर चली जाती है। इस दिन लोग लकड़ियां, गोबर के उपले को इकट्ठा करके उसमें आग लगाते हैं और फिर अग्नि में गोबर के उपले, चने की बालों, जौ, गेहूं इत्यादि चीजें डाली जाती हैं। चलिए बताते हैं होलिका दहन का त्योहार क्यों मनाया जाता है।
Holika Dahan Kyon Manaya Jata Hai In Hindi
क्यों मनाते हैं होलिका दहन? Holika Dahan Kyon Manaya Jata Hai In Hindi
होलिका दहन का पावन पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। कहते हैं यह वही दिन है जब राक्षस राजा हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को अग्नि में जलाने की कोशिश की थी लेकिन श्री हरि विष्णु भगवान की कृपा से प्रहलाद तो बच गए लेकिन उसी अग्नि में होलिका जलकर राख हो गई। जबकि होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान था। कहते हैं जिस दिन ये घटना हुई उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि थी। इसलिए ही हर साल इस तिथि पर होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। होलिका दहन की राख को बेहद ही पवित्र माना जाता है इसलिए इसे घर लाने का और मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर रखने का भी विशेष महत्व होता है।
होलिका दहन की रात भगवान हनुमान की पूजा का महत्व (Holika Dahan Par Hanuman Ji Ki Puja)
होलिका दहन की रात में कई जगहों पर भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। कहते हैं इस दिन यदि भगवान हनुमान जी की भक्ति और श्रद्धा पूर्वक पूजा की जाए तो जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
