Holi Khelne Ka Shubh Muhurat 2026: होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। फाल्गुन पूर्णिमा के बाद मनाई जाने वाली रंगों वाली होली हमें यह संदेश देती है कि जीवन में चाहे कितनी भी नकारात्मकता क्यों न हो, प्रेम और आनंद से सब कुछ बदला जा सकता है। आध्यात्मिक रूप से होली आत्मा की प्रसन्नता और मन की शुद्धि का प्रतीक है।
आज होली खेलने का शुभ मुहूर्त क्या है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार होली खेलने का सबसे शुभ समय प्रातःकाल से दोपहर तक, यानी लगभग सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक माना जाता है। इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा रहती है और दिन का प्रकाश भी पूर्ण रूप से फैल चुका होता है। कुछ लोग अभिजीत मुहूर्त (लगभग दोपहर 12 बजे के आसपास) को भी शुभ मानते हैं, लेकिन पारंपरिक रूप से सुबह का समय अधिक मंगलकारी माना जाता है।
कितने बजे होली नहीं खेलनी है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली पर सूर्यास्त के बाद रंग खेलने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होने लगती हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद रंग खेलने से व्यक्ति के जीवन में अनचाही परेशानियां, मानसिक अस्थिरता या नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं।
