हरतालिका तीज के शाम का मुहूर्त हुआ शुरू, पूजा शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, आरती सहित यहां जानें सारी जानकारी
हरतालिका तीज व्रत विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से करती हैं। इस व्रत में मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाई जाती है। फिर उन प्रतिमाओं की शुभ मुहूर्त में विधि विधान पूजा अर्चना की जाती है। ये व्रत निर्जला रखा जाता है। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। मान्यताओं अनुसार इस व्रत को करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यहां आप जानेंगे हरतालिका तीज की पूजा सामग्री, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा, कहानी समेत संपूर्ण जानकारी।
Hartalika Teej Puja Samagri
हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त 2024 (Hartalika Teej Puja Muhurat 2024)
हरतालिका तीज पूजा का शुभ मुहूर्त 6 सितंबर 2024 की सुबह 06 बजकर 02 मिनट से 08 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। वहीं तीज पूजा का प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06 बजकर 36 मिनट से शाम 06 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। तृतीया तिथि का प्रारम्भ 5 सितम्बर की दोपहर 12:21 बजे से होगा और इसकी समाप्ति 6 सितंबर 2024 की दोपहर 03:01 बजे होगी।
Hartalika Teej Vrat Niyam In Hindi
हरतालिका व्रत पूजन विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi)
- हरतालिका तीज की पूजा सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए।
- इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की रेत से प्रतिमा बनाई जाती है।
- फिर पूजा स्थान पर केले के पत्ते को रखकर उसपर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है।
- इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को फूल और सुगंध अर्पित किया जाता है।
- इसके बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की विधि विधान पूजा की जाती है।
- इस पूजा में महिलाएं सुहाग का एक पिटारा माता को चढ़ाती हैं। जिसमें सुहाग की सभी सामग्री रहती है।
- इसके साथ ही भगवान शिव को धोती चढ़ाई जाती है।
- इसके बाद हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है।
- फिर महिलाएं रात्रि में जागरण करती हैं और फिर अगली सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा करके अपना व्रत खोती हैं।
Hartalika Teej Kyu Manate Hai In Hindi
हरतालिका व्रत के नियम (Hartalika Teej Vrat Niyam)
हरतालिका तीज व्रत निर्जला और बिना कुछ खाए-पिए रखा जाता है। इस व्रत में पूरे दिन अन्न-जल कुछ भी ग्रहण नहीं करना होता है। कहते हैं अगर हरतालिका व्रत एक बार शुरू कर दिया जाए तो इसे बीच में छोड़ा नहीं चाहिए। इस व्रत में रात में सोना नहीं चाहिए। व्रत की रात भजन-कीर्तन करना चाहिए और अगले दिन सुबह स्नान के बाद पुनः पूजा करके व्रत खोलना चाहिए।
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प्रदोष काल हरतालिका तीज व्रत पूजन विधि
इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की रेत से प्रतिमा बनाई जाती है।
फिर पूजा स्थान पर केले के पत्ते को रखकर उसपर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है।
इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को फूल और सुगंध अर्पित किया जाता है।
इसके बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की विधि विधान पूजा की जाती है।
इस पूजा में महिलाएं सुहाग का एक पिटारा माता को चढ़ाती हैं। जिसमें सुहाग की सभी सामग्री रहती है।
इसके साथ ही भगवान शिव को धोती चढ़ाई जाती है।
इसके बाद हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है।
फिर महिलाएं रात्रि में जागरण करती हैं और फिर अगली सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा करके अपना व्रत खोती हैं।
कब करें हरतालिका तीज व्रत का पारण?
teej puja time 2024 ( Teej Puja Time)
Hartalika Mantra(हरचतालिका मंत्र)
Hartalika Teej 2024 Bhog List In Hindi (हरतालिका तीज भोग लिस्ट)
हरतालिका तीज के दिन मौसमी फल जैसे कि अनार, खीरा, अंगूर, केला, सेब इन चीजों का भी प्रसाद चढ़ा सकती हैं। पूजा में फलों का भोग जरूर लगाना चाहिए।
मिठाई
इस दिन पूजा के दौरान आप पांच रंग की मिठाई का भोग लगा सकते हैं। आप इसमें लड्डू और बर्फी जरूर शामिल कर सकती हैं। ये भोग शिव जी को अतिप्रिय है।
मठरी
हरतालिका तीज के दिन बहुत से लोग मीठी मठरी और नमकीन मठरी का भी भोग लगाते हैं। पूजा के दौरान आप इस चीज का भी भोग लगा सकती हैं।
पूड़ी हलवा
Hartalika Teej Vrat Katha (हरतालिका व्रत कथा)
मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि के हस्त नक्षत्र में माता पार्वती ने मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भोलेनाथ की स्तुति की और रात्रि में जागरण किया। इस दौरान उन्होंने अन्न का त्याग भी कर दिया था। उनकी ये कठोर तपस्या 12 साल तक चली। पार्वती के इस कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने दर्शन दिए और इच्छा अनुसार उनको अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। इसके बाद से हर साल महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।
हरतालिका तीज प्रदोष काल टाइम (Hartalika Teej Pradosh Kaal time)
लाभ - उन्नति - 07:36 AM से 09:10 AM शुभ - उत्तम - 12:19 AM से 01:45 AM, सितम्बर 07
अमृत - सर्वोत्तम - 09:10 AM से 10:45 AM अमृत - सर्वोत्तम - 01:45 AM से 03:11 AM, सितम्बर 07
शुभ - उत्तम - 12:19 PM से 01:53 PM चर - सामान्य - 03:11 AM से 04:36 AM, सितम्बर 07
चर - सामान्य - 05:02 PM से 06:36 PM
हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti In Hindi)
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
Hartalika Teej Vrat Katha (हरतालिका व्रत कथा)
मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि के हस्त नक्षत्र में माता पार्वती ने मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भोलेनाथ की स्तुति की और रात्रि में जागरण किया। इस दौरान उन्होंने अन्न का त्याग भी कर दिया था। उनकी ये कठोर तपस्या 12 साल तक चली। पार्वती के इस कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने दर्शन दिए और इच्छा अनुसार उनको अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। इसके बाद से हर साल महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।्
Hartalika Teej 2024 Puja Time In Hindi (हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त 2024)
लखनऊ06:20 PM से 07:20 PM
कानपुर06:20 PM से 07:20 PM
पटना06:20 PM से 07:20 PM
प्रयागराज06:20 PM से 07:20 PM
मेरठ06:20 PM से 07:20 PM
आगरा06:20 PM से 07:20 PM
वाराणसी06:20 PM से 07:20 PM
नोएडा06:20 PM से 07:20 PM
गोरखपुर06:20 PM से 07:20 PM
हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika teej vrat katha)
हरतालिका तीज व्रत पारण मुहूर्त 2024 (Hartalika Teej Vrat Parana Muhurat 2024)
हरतालिका तीज व्रत पारण विधि (Hartalika Teej Vrat Parana Vidhi In Hindi)
हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त (Hartalika Teej Shubh Muhurat)
हरतालिका तीज पर कितनी बार नहाना चाहिए
Hartalika Teej Ka Parana Kab Kare: हरतालिका तीज का पारण कब करें
हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर
Hartalika Teej Me Kya Khaye: हरतालिका तीज में क्या खा सकते हैं
हरतालिका तीज क्यों मनाई जाती है (Hartalika Teej Kyu Manai Jati Hai)
भगवान शिव की आरती (Shiv Ji Ki Aarti)
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
