Hartalika Teej, हरतालिका तीज 2025 व्रत कथा: जानें पूजा विधि, आरती, Hartalika Teej Vrat Katha और शिव पार्वती व्रत कथा, आरती, पारण मुहूर्त सबकुछ
यहां से जानें- बिना पंडित, घर पर कैसे करें हरतालिका तीज की पूजा?
पंचांग अनुसार, हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 4:27 AM-5:15 AM
अभिजित मुहूर्त- 11:57 AM- 12:48 PM
विजय मुहूर्त- 2:31 PM- 3:23 PM
गोधूलि मुहूर्त- 6:49 PM- 7:11 PM
अमृत काल- 11:30 PM- 1:15 AM
निशिता मुहूर्त- 12:01 AM- 27 अगस्त 12:45 AM
हरतालिका तीज व्रत कथा
हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त-
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं 2025
हरतालिका व्रत पूजन विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi)
- हरतालिका तीज की पूजा सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए।
- इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की रेत से प्रतिमा बनाई जाती है।
- फिर पूजा स्थान पर केले के पत्ते को रखकर उसपर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है।
- इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को फूल और सुगंध अर्पित किया जाता है।
- इसके बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की विधि विधान पूजा की जाती है।
- इस पूजा में महिलाएं सुहाग का एक पिटारा माता को चढ़ाती हैं। जिसमें सुहाग की सभी सामग्री रहती है।
- इसके साथ ही भगवान शिव को धोती चढ़ाई जाती है।
- इसके बाद हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है।
- फिर महिलाएं रात्रि में जागरण करती हैं और फिर अगली सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा करके अपना व्रत खोती हैं।
हरतालिका तीज 2025: राहुकाल समय
मंगलवार 26 अगस्त 2025 को हरतालिका तीज पर दोपहर 03 बजकर 36 मिनट से शाम 05 बजकर 13 मिनट तक राहुकाल रहने वाला है। व्रती महिलाएं इस समय पूजा न करें। राहुकाल को पूजा-पाठ के लिए शुभ नहीं माना जाता है।हरतालिका तीज गीत लिरिक्स (Hartalika Teej Geet Lyrics): सात सखीअन...तीज गीत
सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
हरतालिका तीज पारण मुहूर्त 2025 (Hartalika Teej Parana Time 2025)
साल 2025 में हरतालिका तीज का पारण 27 अगस्त 2025 की सुबह 05 बजकर 57 मिनट के बाद किया जा सकता है।शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
हरतालिका तीज व्रत कथा
पौराणिक कथा अनुसार माता पार्वती ने अपने पिछले जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने हिमालय पर गंगा के तट पर बाल्यावस्था में ही अधोमुखी होकर कठिन तप किया। अपनी इस तपस्या के दौरान वे सिर्फ सूखे पत्ते चबाकर ही रहीं। अन्न का बिल्कुल भी सेवन नहीं किया। इसके बाद कई वर्षों तक उन्होंने सिर्फ हवा ही ग्रहण कर अपना जीवन गुजारा। जब उनके पिता ने अपनी बेटी की ऐसी दशा देखी तो वे बहुत दुखी हुए।कुछ समय बाद महर्षि नारद भगवान विष्णु की ओर से पार्वतीजी के लिए विवाह प्रस्ताव लेकर आए। इस विवाह प्रस्ताव को पार्वती जी के पिता ने सहर्ष ही स्वीकार कर लिया। जब माता पार्वती को ये बात पता चली तो वह बहुत दु:खी हुईं और जोर-जोर से रोने लगीं। जब माता पार्वती की सखी को उनके दुख का कारण पता चला तो वे उन्हें घने वन में लेकर चली गईं और फिर वहीं पार्वती जी एक गुफा में जाकर भगवान शिव की आराधना में लग गईं। कहते हैं मां पार्वती के इस तपस्वनी रूप को ही नवरात्रि में शैलपुत्री के नाम से पूजा जाने लगा।
फिर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में हस्त नक्षत्र के समय माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग बनाया और फिर विधि विधान पूजा की साथ ही रात्रि जागरण किया। कहते हैं तब माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन देकर उनकी इच्छानुसार अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से मान्यता है कि इस दिन जो भी महिलाएं विधि-विधानपूर्वक ये व्रत करती हैं, वे अपने मन के अनुरूप पति प्राप्त करतीं हैं।
हरतालिका तीज 2025: सबसे उत्तम 3 मुहूर्त
चर मुहूर्त- 9AM-10:46AM
लाभ मुहूर्त- 10:46AM-12:23PM
अमृत मुहूर्त- 12:23PM-1:59PM
Hartalika Teej 2025 : हरतालिका तीज
हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियाँ महादेव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।हरतालिका तीज पूजा मंत्र (Hartalika Teej Puja Mantra)
"ओम पार्वत्यै नमः ओम उमाये नमः""या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:"
"सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।"
शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।"
Hartalika Teej Geet Lyrics: सात सखीअन...तीज गीत
सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
हरतालिका तीज पर पांच प्रहर का शुभ मुहूर्त
- प्रथम पूजा मुहूर्त- सुबह 06:05 AM–08:30 AM
- द्वितीय पूजा मुहूर्त- सुबह 09:30 AM–11:30 AM
- तृतीया पूजा मुहूर्त- दोपहर 12:10 PM–01:45 PM
- चतुर्थ मुहूर्त- सूर्यास्त के आसपास: सूर्यास्त करीब 6:35 PM-6:51 PM के बीच
- पंचम (एकत्रीकरण मुहूर्त)- शाम 08:11 PM–09:37 PM
माता पार्वती की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
जय पार्वती माता जय पार्वती माताब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
हरतालिका तीज व्रत के नियम (Hartalika Teej Vrat Niyam In Hindi)
- हरतालिका तीज व्रत का सबसे पहला नियम ये है कि ये व्रत निर्जला रखा जाता है। यानी कि इसमें अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
- अगर एक बार जो स्त्री इस व्रत को शुरू कर देती है तो फिर उसे हर साल इस व्रत को करना होता है। इस व्रत को बीच में छोड़ना अशुभ माना जाता है।
- हरतालिका तीज व्रत के दिन रात में जागकर भजन-कीर्तन और जागरण करना चाहिए।
- इस दिन व्रती महिलाओं की मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन महिलाओं को एक पिटारे में सुहाग की सभी सामग्री माता पार्वती को अर्पित करना चाहिए।
- पूजा के अगले दिन ही सुहाग सामग्री दान भी कर दी जाती है।
- हरतालिका तीज व्रत रखने वाली महिलाओं को हाथों पर मेहंदी जरूर लगानी चाहिए।
- इसके अलावा महिलाओं को तीज की पूजा से पहले 16 श्रृंगार कर अच्छे से तैयार होना चाहिए।
Hartalika Teej 2025: शिव-पार्वती फोटो
हरतालिका तीज 2025 शाम की पूजा का मुहूर्त
06:49 PM से 07:11 PM (समय अवधि लगभग 22 मिनट) यह प्रदोष मुहूर्त कहलाता है, जो शाम की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Puja Samagri List)
शिव-पार्वती और गणेशजी की मूर्ति बनाने के लिए गीली मिट्टीपूजा के लिए मिट्टी का कलश और ढक्कन
मिट्टी के दीपक
भगवान के वस्त्र
माता पार्वती के श्रृंगार का सामान
घी
शहद
पानी वाला नारियल
मक्का
भस्म
रोली
कलावा
चावल
लौंग
इलायची
सुपारी
जनेऊ
गुलाल
सिंदूर
रूई बत्ती
धूपबत्ती
कपूर
भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी
शिव जी की आरती | हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Aarti Lyrics)
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
Hartalika Teej Geet: सात सखीअन...हरतालिका तीज गीत लिरिक्स
सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
जनम युग बदय अहियात गे माई।
घर पर हरतालिका तीज की पूजा कैसे करें? (How To Do Hartalika Teej Puja At Home)
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव-पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थान को स्वच्छ करें और रंगोली बनाएं।
- एक लकड़ी के पाटे पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएं।
- उस पर मिट्टी या धातु की शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
- एक कलश में जल, सुपारी, आम के पत्ते और नारियल रखें।
- कलश को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर पूजें।
- शिव-पार्वती की मूर्ति/चित्र को जल से स्नान कराएं, चंदन, अक्षत, पुष्प, वस्त्र, माला अर्पित करें।
- सिन्दूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी आदि चढ़ाएं।
- दीपक जलाकर धूप दिखाएं।
- हरतालिका तीज व्रत कथा सुनें और आरती करें।
Hartalika Teej 2025 LIVE: क्या हरतालिका तीज के दिन चांद देखने की मनाही होती है?
हां, मान्यता है कि हरतालिका तीज के दिन चाँद देखने से व्रत का फल कम हो सकता है या उसमें दोष लग सकता है। ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे गणेश चतुर्थी पर भी चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है।हरतालिका तीज 16 श्रृंगार लिस्ट (16 shringar List For Teej)
बिंदी
सिंदूर
पायल और बिछिया
लिपस्टिक
मांग टीका
काजल
गजरा
नथ
झुमका
कान बाली
मंगलसूत्र
चूड़ियां
मेहंदी
कमरबंद
आलता
नेल पॉलिस
हरतालिका तीज व्रत में क्या नहीं करना चाहिए?
- जो महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत कर रही हैं उन्हें इस दिन सोलह श्रृंगार जरुर करना चाहिए। साथ ही काला, नीला और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें।
- हरतालिका तीज का व्रत जब आप अगले दिन पारण करें तो भूलकर भी तामसिक भोजन ग्रहण न करें।
- इस दिन भूलकर भी अपने पति से परिवार के किसी भी सदस्य से वाद विवाद न करें। न ही किसी की बुराई करें।
- अपने मन में भगवान का स्मरण करते रहें और रात के समय जागरण करके बिताएं।
हरतालिका तीज व्रत के नियम (Hartalika Teej Fasting Rules)
- हरतालिका तीज व्रत के दौरान किसी भी तरह के अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।
- साथ ही इस व्रत में फल खाने की मनाही भी होती है।
- हरतालिका तीज व्रत के दिन पानी भी नहीं पीना चाहिए।
- ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज व्रत के दिन जो भी महिला नमक या किसी भी प्रकार के मीठे व्यंजन का सेवन करती है उसे अगले जन्म मक्खी का मिलता सकता है।
- जो महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत करती हैं उन्हें इस दिन दिन में और रात के समय सोना नहीं चाहिए। ऐसी मान्यता है कि व्रत के दौरान सोने से अगला जन्म सांप का मिलता सकता है।
Hartalika Teej 2025 LIVE: आज कितने बजे तक रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसा, आज दोपहर में ही चतुर्थी लग रही है। इसलिए चतुर्थी लगने से पहले ही हरतालिका तीज की पूजा समाप्त कर लेना सही है।हरतालिका तीज 2025: सबसे उत्तम 3 मुहूर्त
- चर मुहूर्त- 9AM-10:46AM
- लाभ मुहूर्त- 10:46AM-12:23PM
- अमृत मुहूर्त- 12:23PM-1:59PM
हरतालिका तीज पूजा मंत्र (Hartalika Teej Puja Mantra)
"ओम पार्वत्यै नमः ओम उमाये नमः""या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:"
"सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।"
शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।"
हरतालिका तीज 2025: राहुकाल समय
मंगलवार 26 अगस्त 2025 को हरतालिका तीज पर दोपहर 03 बजकर 36 मिनट से शाम 05 बजकर 13 मिनट तक राहुकाल रहने वाला है। व्रती महिलाएं इस समय पूजा न करें। राहुकाल को पूजा-पाठ के लिए शुभ नहीं माना जाता है।Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज की पूजा में कौन सी 16 पत्तियां चढ़ती हैं?
बिल्वपत्र, शमी के पत्ते, आम के पत्ते, जातीपत्र, भृंगराज, सेवंतिका, अगस्त्य, केले के पत्ते, बांस, देवदार पत्र, पान के पत्ते, धतूरा, चंपा, कनेर, नीम, अशोक के पत्ते।Hartalika Teej 2024 Bhog List In Hindi (हरतालिका तीज भोग लिस्ट)
- मौसमी फल
- हरतालिका तीज के दिन मौसमी फल जैसे कि अनार, खीरा, अंगूर, केला, सेब इन चीजों का भी प्रसाद चढ़ा सकती हैं। पूजा में फलों का भोग जरूर लगाना चाहिए।
- मिठाई
- इस दिन पूजा के दौरान आप पांच रंग की मिठाई का भोग लगा सकते हैं। आप इसमें लड्डू और बर्फी जरूर शामिल कर सकती हैं। ये भोग शिव जी को अतिप्रिय है।
- मठरी
- हरतालिका तीज के दिन बहुत से लोग मीठी मठरी और नमकीन मठरी का भी भोग लगाते हैं। पूजा के दौरान आप इस चीज का भी भोग लगा सकती हैं।
- पूड़ी हलवा
Hartalika Teej 2025: क्या हरतालिका तीज के दिन बाल धोना चाहिए?
व्रत के दिन श्रृंगार तो किया जाता है, लेकिन बालों को न धोना ही उचित माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, उस दिन बाल धोना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह व्रत के संयम और सादगी के खिलाफ समझा जाता है।Hartalika Teej 2025: आज कितने घंटे है पूजा का शुभ मुहूर्त?
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक है। मतलब आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 35 मिनट मिलेंगे।हरतालिका तीज 2025 शुभ योग (Hartalika Teej 2025 Shubh Yog)
हरतालिका तीज पर आज साध्य योग, शुभ योग और रवि योग का संयोग रहेगा। सात ही सर्वार्थ सिद्धि, गजकेसरी और पंचमहापुरुष जैसे योग का निर्माण भी हो रहा है।
हरतालिका तीज 2025: लाभ चौघड़िया और अमृत चौघड़िया मुहूर्त
लाभ चौघड़िया सुबह में 10 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक।अमृत चौघड़िया दोपहर में 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक।
आज सुबह या शाम आखिर कब होगी पूजा?
पंचांग के अनुसार कल दोपहर 01:54 बजे तृतीया तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में प्रात:काल 05:56 से 08:31 बजे के बीच हरतालिका तीज की पूजा विधि-विधान से करना ही उचित रहेगा।हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha In Hindi)
पौराणिक कथा अनुसार माता पार्वती ने अपने पिछले जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने हिमालय पर गंगा के तट पर बाल्यावस्था में ही अधोमुखी होकर कठिन तप किया। अपनी इस तपस्या के दौरान वे सिर्फ सूखे पत्ते चबाकर ही रहीं। अन्न का बिल्कुल भी सेवन नहीं किया। इसके बाद कई वर्षों तक उन्होंने सिर्फ हवा ही ग्रहण कर अपना जीवन गुजारा। जब उनके पिता ने अपनी बेटी की ऐसी दशा देखी तो वे बहुत दुखी हुए।कुछ समय बाद महर्षि नारद भगवान विष्णु की ओर से पार्वतीजी के लिए विवाह प्रस्ताव लेकर आए। इस विवाह प्रस्ताव को पार्वती जी के पिता ने सहर्ष ही स्वीकार कर लिया। जब माता पार्वती को ये बात पता चली तो वह बहुत दु:खी हुईं और जोर-जोर से रोने लगीं। जब माता पार्वती की सखी को उनके दुख का कारण पता चला तो वे उन्हें घने वन में लेकर चली गईं और फिर वहीं पार्वती जी एक गुफा में जाकर भगवान शिव की आराधना में लग गईं। कहते हैं मां पार्वती के इस तपस्वनी रूप को ही नवरात्रि में शैलपुत्री के नाम से पूजा जाने लगा।
फिर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में हस्त नक्षत्र के समय माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग बनाया और फिर विधि विधान पूजा की साथ ही रात्रि जागरण किया। कहते हैं तब माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन देकर उनकी इच्छानुसार अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से मान्यता है कि इस दिन जो भी महिलाएं विधि-विधानपूर्वक ये व्रत करती हैं, वे अपने मन के अनुरूप पति प्राप्त करतीं हैं।
प्रेगनेंसी में हरतालिका तीज व्रत कैसे करें? (Pregnancy Me Hartalika Teej Vrat Kaise Kare)
प्रेग्नेंट महिलाएं कभी भी निर्जला व्रत न रखें।व्रत में फलाहार जरूर लें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें।
नारियल पानी, नींबू पानी, फलों का जूस आदि का सेवन करें।
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आपको पूजा में लगातार लंबे समय तक बैठने के लिए बाध्य भी नहीं हैं।
इसके अलावा गर्भवती महिलाएं साबूदाना, आलू, कूट्टू ये सब चीजें भी खा सकते हैं।
हरतालिका तीज दान सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Daan Samagri)
मेहंदी, बिंदी, कुमकुम, चूड़ी, बिछिया, काजल, श्रीफल, कलश, अबीर, सिंदूर, कंघी, माहौर, चंदन, घी, तेल, कपूर, कुमकुम, दीपक यहाँ देखें सामग्री की सम्पूर्ण लिस्ट
हरतालिका तीज व्रत नियम (Hartalika Teej Niyam)-
हरतालिका तीज के कुछ खास नियम होते हैं, जैसे कि व्रती महिला दिनभर बिना अन्न-जल के उपवास रखती है। रात्रि में भी कुछ नहीं खाया या पिया जाता है। इस दिन मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें। पूजा में बैठने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। विवाहिता महिलाएं संपूर्ण सोलह श्रृंगार करके पूजन करें। पूजा में बासी या मुरझाए फूल न चढ़ाएं। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद गंगाजल या शुद्ध जल पीकर करें।
हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट (Hartalika Teej Samagri List)
- शिव-पार्वती और गणेशजी की मूर्ति बनाने के लिए गीली मिट्टी
- पूजा के लिए मिट्टी का कलश और ढक्कन
- मिट्टी के दीपक
- भगवान के वस्त्र
- माता पार्वती के श्रृंगार का सामान
- घी
- शहद
- पानी वाला नारियल
- मक्का
- भस्म
- रोली
- कलावा
- चावल
- लौंग
- इलायची
- सुपारी
- जनेऊ
- गुलाल
- सिंदूर
- रूई बत्ती
- धूपबत्ती
- कपूर
- भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी
हरतालिका तीज 16 श्रृंगार लिस्ट (16 shringar List For Teej)
बिंदी
सिंदूर
पायल और बिछिया
लिपस्टिक
मांग टीका
काजल
गजरा
नथ
झुमका
कान बाली
मंगलसूत्र
चूड़ियां
मेहंदी
कमरबंद
आलता
नेल पॉलिस
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