Hanuman Setu Mandir Significane: आज मंगलवार है और यह दिन रामभक्त हनुमान जी को समर्पित है। हनुमान जी उन सप्त चिरंजीवियों में से हैं जो कलियुग में भी विद्यमान हैं। हनुमान जी दयालु हैं और अपने भक्तों की बात सुनते हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा हनुमान मंदिर है जहां आप दर्शन करने न जा पाएं तो पत्र भेजकर अपनी मनेकामनाएं पूरी कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि हनुमान सेतु मंदिर से कोई खाली नहीं लौटता है।
बड़े मंगल (Bada Mangal) के दिन यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग स्थित हनुमान सेतु मंदिर को लेकर लोगों में काफी मान्यता है। यहां प्रतिष्ठित राम भक्त हनुमान की प्रतिमा बाबा नीम करौली ने स्थापित करवाई थी। कलियुग के एक मात्र जागृत देव हनुमान जी के इस मंदिर की स्थापना करने वाला बाबा नीम करौली की कृपा से पिछले 45 साल से मंदिर में दर्शन करने से श्रद्धालुओं की सभी मनाेकामनाएं पूरी होती हैं। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1967 में हनुमान सेतु मंदिर की स्थापना की गई थी।
मंदिर निर्माण की कहानी
गोमती नदी के तट वर स्वामी मौनानंद का आश्रम हुआ करता था। यहां तट पर बने हनुमान मंदिर में बाबा नीम करौली रहा करते थे।1960 में गोमती नदी में आई बाढ़ से आश्रम को काफी क्षति पहुंची और गोमती पर बना पुल ढह गया। जब नया पुल बनने लगा तो तमाम जतन के बाद भी पुल का पिलर नदी में नहीं रुक रहा था। पुल बनता और बार-बार गिर जाता था तो बाबा ने अधिकारियों से मंदिर निर्माण कराने को कहा। बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बाढ़ के सैलाब को शांत किया था और पुल का काम शुरू कराया। बाबा की इच्छा अनुसार, कोलकाता के एक बिल्डर ने पुल के साथ मंदिर का निर्माण कराया।
आज भी मौजूद है बाबा का कक्ष
यहां आज भी तट पर पुराने मंदिर में बाबा का कक्ष मौजूद है। बाबा ने 26 जनवरी 1967 को नए हनुमान सेतु मंदिर में हनुमान की आकर्षक प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इस मंदिर में सुबह छह और रात आठ बजे आरती होती है। यहां ज्येष्ठ मास के मंगलों पर भंडारा और अखंड पाठ होता है। यहां लाखों की संख्या में भक्त आते हैं।
