Hanuman Puja Muhurat 2026: आज 7 नवंबर 2026, शनिवार को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन दीपदान, यम पूजा और हनुमान जी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली की रात हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और भक्तों को भय, नकारात्मकता तथा बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में अगर आप भी आज बजरंगबली की विशेष पूजा करना चाहते हैं तो आइए जानते हैं हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा का सही समय और आराधना की आसान विधि।
हनुमान जी की पूजा का मुहूर्त
आज हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?
आज शनिवार और नरक चतुर्दशी का विशेष संयोग है। इस अवसर पर हनुमान जी की पूजा के लिए निशिता काल को विशेष महत्व दिया जा रहा है। मुहूर्त के अनुसार, आज रात 11 बजकर 39 मिनट से देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक बजरंगबली की पूजा कर सकते हैं।
- पूजा की शुरुआत: रात 11:39 बजे
- पूजा की समाप्ति: देर रात 12:31 बजे
- पूजा की अवधि: लगभग 52 मिनट
- पर्व: नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
नोट - इस दौरान श्रद्धापूर्वक हनुमान जी का स्मरण, हनुमान चालीसा का पाठ और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
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सुबह और शाम को भी कर सकते हैं हनुमान जी की पूजा
अगर आप देर रात पूजा करने में असमर्थ हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। बजरंगबली की आराधना अपनी सुविधानुसार सुबह या शाम को भी की जा सकती है। सामान्य धार्मिक परंपराओं के अनुसार, सुबह का ब्रह्म मुहूर्त और संध्याकाल पूजा-पाठ के लिए अच्छा समय माना जाता है। सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर पूजा कर सकते हैं। वहीं शाम को सूर्यास्त के बाद भी बजरंगबली का ध्यान, हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि ये सामान्य पूजा के समय हैं, जबकि रात 11:39 से 12:31 बजे तक का समय यहां दिए गए विशेष निशिता मुहूर्त के अनुसार है।
छोटी दिवाली पर क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा?
धार्मिक मान्यताओं में छोटी दिवाली का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध से भी जोड़ा जाता है। इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है। वहीं हनुमान जी को संकटमोचन और बल, बुद्धि तथा विद्या का दाता माना गया है। मान्यता है कि छोटी दिवाली की रात हनुमान जी की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शनिवार का दिन होने के कारण भी इस दिन बजरंगबली की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त इस अवसर पर अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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हनुमान जी की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप
1. हनुमान मूल मंत्र
ॐ हं हनुमते नमः।
2. संकटमोचन मंत्र
ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा।
3. हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
हनुमान जी की पूजा विधि
छोटी दिवाली पर बजरंगबली की पूजा के लिए सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और बूंदी या बेसन के लड्डुओं का भोग अर्पित करें। इसके बाद घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती से आरती करें। श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। पूजा के अंत में बजरंगबली से परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन के संकट दूर करने की प्रार्थना करें।
