Gupt Navratri Puja Vidhi In Hindi: माघ महीने की गुप्त नवरात्रि 10 फरवरी से शुरू हो रही है। इस नवरात्रि में भी चैत्र और शरद नवरात्रि की तरह ही, मां दुर्गा की विधि-विधान अनुसार उपासना की जाती है। साथ ही इस दौरान दस महाविद्यियाओं की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के इन दिनों में जो कोई भी सच्ची श्रद्धा से देवी दुर्गा की अराधना करता है उसकी सारी मुरादें पूरी हो जाती हैं। जानिए गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि।
Gupt Navratri Puja Vidhi In Hindi
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि (Gupt Navratri Puja Vidhi)
- बाकी सभी नवरात्रि की तरह ही गुप्त नवरात्रि में भी देवी दुर्गा का व्रत, पूजा-पाठ और आराधना करने का विधान है।
- गुप्त नवरात्रि में सुबह-शाम मां दुर्गा की पूजा की जाती है।
- कुछ लोग गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक कलश की स्थापना भी करते हैं।
- गुप्त नवरात्रि में माता की फल, फूल, धुप, दीप आदि से विधिवत पूजा करें।
- इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नवरात्रि पूजा में मां को आक, मदार, दूब व् तुलसी न चढ़ाएं।
- पूजा के बाद सपरिवार माता की आरती करें।
- आप अपनी श्रद्धानुसार मां दुर्गा से संबंधित मंत्र, चालीसा या सप्तशती का पाठ कर सकते हैं।
- पूजा के बाद दोनों समय मां को भोग भी लगाएं।
- कई लोग नवरात्रि के नौ दिन देवी की प्रतिमा के सामने शुद्ध घी का एकमुखी दीपक भी जलाकर रखते हैं।
- नवरात्रि के आखिरी दिन व्रत का पारण कर लें।
नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 2024 (Navratri Kalash Sthapana Muhurat 2024)
माघ घटस्थापना - 10 फरवरी 2024, शनिवार
घटस्थापना मुहूर्त - 08:45 AM से 10:10 AM
घटस्थापना अभिजित मुहूर्त - 12:13 PM से 12:58 PM
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - 10 फरवरी 2024 को 04:28 AM बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त - 11 फरवरी 2024 को 12:47 AM बजे
गुप्त नवरात्रि के मंत्र (Gupt Navratri Mantra)
गुप्त नवरात्रि में माता के मंत्रों का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है। कहते हैं इससे हर समस्या से छुटकारा मिल जाता है। ऐसे में गुप्त नवरात्रि में देवी की पूजा के समय ‘ॐ एं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’, ‘ॐ क्लीं सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन्य धान्य सुतान्यवितं’, ‘मनुष्यो मतप्रसादेन भविष्यति न संशयः क्लीं ॐ,’ ‘ॐ श्रीं ह्रीं हसौ: हूं फट नीलसरस्वत्ये स्वाहा’ आदि मंत्रों का जप जरूर करें।
