Gangaur Aarti Lyrics: आरती कीजिए गणगौर ईसर जी की...गणगौर पूजा की आरती के लिरिक्स लिखित में

Gangaur Aarti Lyrics (गणगौर पूजा आरती लिरिक्स): गणगौर पूजा से जुड़ी कई आरतियां हैं जो इस पूजा के समय जरूर करनी चाहिए। चलिए आपको बताते हैं गणगौर माता की आरती के संपूर्ण लिरिक्स। साथ ही यहां पार्वती माता की आरती भी मौजूद है।

Gangaur Aarti Lyrics (गणगौर पूजा आरती लिरिक्स): गणगौर में गण का मतलब भगवान शिव और गौर का मतलब मां पार्वती होता है। इस पूजा में महिलाएं मां गौरी की पूजा करके अपने पति की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना करती हैं, जबकि कुंवारी लड़कियां अच्छे वर के लिए व्रत रखती हैं। यह त्योहार होली के बाद शुरू होता है और करीब 16 दिनों तक चलता है। आखिरी दिन गणगौर की पूजा और विसर्जन किया जाता है। आज वही खास दिन है। आज के दिन पूजा करने के बाद गणगौर माता की आरती भी की जाती है। यहां से आप गणगौर की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

गणगौर की आरती (pc: pinterest)

गणगौर की आरती (Gangaur Aarti Lyrics)-

आरती कीजिए गणगौर ईसर जी की

गौरी शंकर शिव पार्वती की -2

देसी घी को दीप जलायो

तोड़ तोड़ फूलडा हार बनायो

लाला फूला की थाने हार पहनायो

आरती कीजिए.........

महिमा थारी सब कोई गावे

खीर ढोकला को भोग लगावे

भंडार उसके भर देते हो

आरती कीजिए.......

ईसर म्हारा छैल छबीला

गोरा म्हारी रूप की रानी

सुंदर जोड़ी पर वारी वारी जाऊं

आरती कीजिए..............

जो कोई आपकी शरण में आवे

सर्व सुहाग परम पथ पावे

आरती कीजिए..........

गणगौर पूजा की आरती (Gangaur Puja Aarti)-

नीव ढलती बेलड़ी जी |

मालन फुलड़ा सा ल्याय, ईसरदास थारो कोटडया जी |

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