Shri Ganga Dussehra Dwar Patra: गंगा दशहरा के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर लगाया जाता है द्वार पत्र, जानें इसका महत्व और मंत्र

Ganga Dussehra Dwar Patra Photos, Mantra: गंगा दशहरा के दिन उत्तराखंड के लोग एक अनूठी परंपरा निभाते हैं। इस दिन यहां मां गंगा की विधि विधान पूजा अर्चना की जाती है और इसके बाद घर के मुख्य दरवाजे पर द्वार पत्र लगाया जाता है। चलिए जानते हैं गंगा दशहरा पर द्वार पत्र लगाने का क्या महत्व है।

Ganga Dussehra Dwar Patra Photos, Mantra: गंगा दशहरा पर द्वार पत्र लगाने की परंपरा मुख्य रूप से उत्तराखंड में प्रचलित है। यहां हर व्यक्ति अपने घर के मेन गेट पर द्वार पत्र लगाता है। मान्यताओं अनुसार द्वार पत्र लगाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है। इसे बेहद शुभ माना गया है। कहते हैं इससे घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं। साथ ही घर में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। ये भी मान्यता है कि द्वारपत्र को लगाने से प्राकृतिक आपदाओं का भी भय नहीं रहता। चलिए जानते हैं द्वार पत्र कैसे लगाया जाता है।

Ganga Dussehra Dwar Patra  Photos

Ganga Dussehra Dwar Patra Photos

गंगा दशहरा द्वार पत्र कैसा होता है (Ganga Dussehra Dwar Patra Photo)

द्वार पत्र वर्गाकार यानि Square शेप के कागज के टुकड़े पर वृताकार (Circular) आकार में होते हैं जिसमें घेरे के चारों ओर त्रिभुजाकार डिजाइन बना होता है। इसके बीच में भगवान श्री गणेश, मां गंगा, माँ लक्ष्मी, श्री हनुमान या भगवान शंकर का चित्र बना होता है और भगवान के चित्र के चारों ओर संस्कृत में एक मंत्र लिखा होता है। द्वार पत्र पीले, लाल और हरे रंग में होता है। (गंगा दशहरा पूजा विधि)

End of Feed