Ganesh Ji ke Priya Bhog (Ganesh Chaturthi 56 Bhog List in Hindi): हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन पर भगवान श्री गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस 10 दिन के पर्व को गणेश चतुर्थी कहा जाता है। जिसमें श्रद्धालु अपने अपने घरों में गणेश जी की प्रतीमा को विराजमान करते हैं, और उनकी पूजा कर भोग लगाते हैं। गणेश चतुर्थी पर भोग का विशेष महत्व होता है, कई लोग इन दिनों में विघ्नहर्ता श्री गणेश के लिए छप्पन भोग भी तैयार करते हैं। मान्यता है कि छप्पन भोग चढ़ाने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
क्या होता है छप्पन भोग का महत्व
हिंदू धर्मशास्त्र में 56 प्रकार के भोग वर्णित हैं, जो देवी देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। छप्पन भोग चढ़ाने की परंपरा भगवान कृष्ण के 56 भोग की कथा से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने इंद्र के कोप से गोकुलवासियों की रक्षा की थी और गोवर्धन पर्वत को उठाया था। तब सभी ग्रामवासियों ने मिलकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया था। गणेश जी को 'मोदकप्रिय' कहा जाता है, इसलिए उन्हें छप्पन भोग चढ़ाने का विशेष महत्व है। यह भोग भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
गणेश चतुर्थी छप्पन भोग की लिस्ट
मोदक / लड्डू (विभिन्न प्रकार के)पेड़ा
बर्फी
रसगुल्ला
गुलाब जामुन
बालुशाही
जलेबी
इमरती
मालपुआ
सूजी का हलवा
बेसन के लड्डू
नारियल की बर्फी
मूंग दाल हलवा
चिरौंजी के लड्डू
तिल के लड्डू
मक्खन
दही
दूध
घी
शहद
खीर (चावल की)
पायसम्
पंजीरी
मिश्री
चूरमा
गुड़
नारियल
केला
सेब
अनार
आम
अंगूर
नारंगी
पपीता
बादाम
काजू
पिस्ता
अखरोट
किशमिश
मुनक्का
चना दाल
मूंग दाल
उड़द दाल
चावल
पूरी
कचौरी
समोसा
पकौड़ी
खांडवी
ढोकला
खिचड़ी
पोहा
उपमा
सब्जी (मिश्रित)
चटनी
पापड़
आप भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर छप्पन भोग तैयार कर सकते हैं। इसमे सूची में कई जगहों पर दूसरी मिठाइयां और नमकीन व्यंजन भी शामिल किए जाते हैं।
