Ganesh Sthapana 2024 Shubh Muhurat, Vidhi, Mantra: इस मुहूर्त में करें गणेश जी की स्थापना, जान लें पूजा विधि

Ganpati Sthapana Shubh Muhurat 2024, Sthapana Vidhi, Shri Ganesh Ji Ki Murti Sthapana Ka Time in Mumbai, Pune, Maharastra, Bihar, Delhi, UP, MP, Bhopal: गणेश चतुर्थी की पूजा के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ माना जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 7 सितंबर को मनाया जा रहा है। चलिए जानते हैं इस दिन गणपति जी की स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

Ganpati Sthapana Shubh Muhurat 2024, Sthapana Vidhi, Shri Ganesh Ji Ki Murti Sthapana Ka Time in Mumbai, Pune, Maharastra, Bihar, Delhi, UP, MP, Bhopal: गणेश जी के जन्मदिन के उत्सव को ही गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की विधि विधान पूजा की जाती है (Ganpati Sthapana Muhurat 2024)। वहीं कई जगहों पर ये उत्सव पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से होती है और समाप्ति अनंत चतुर्दशी (Ananat Chaturdashi 2024) पर। चलिए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। यहां आप जानेंगे गणपति पूजा की शहर अनुसार टाइमिंग।

ganesh chaturthi puja muhurat 2024

Ganesh Chaturthi Puja Muhurat 2024

गणेश चतुर्थी 2024 पूजा मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2024 Puja Muhurat In Hindi)

शहर का नामगणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 2024
पुणे11:18 ए एम से 01:47 पी एम
नई दिल्ली11:03 ए एम से 01:34 पी एम
चेन्नई10:53 ए एम से 01:21 पी एम
मुम्बई11:22 ए एम से 01:51 पी एम
नोएडा11:03 ए एम से 01:33 पी एम
जयपुर11:09 ए एम से 01:40 पी एम
हैदराबाद11:00 ए एम से 01:28 पी एम
गुरुग्राम11:04 ए एम से 01:35 पी एम
चंडीगढ़11:05 ए एम से 01:36 पी एम
बेंगलूरु11:04 ए एम से 01:31 पी एम
अहमदाबाद11:23 ए एम से 01:52 पी एम
कोलकाता10:20 ए एम से 12:49 पी एम

गणपति स्थापना विधि मंत्र सहित (Ganesh Sthapana Vidhi With Mantra)

गणेश भगवान की मूर्ति स्थापना के लिए दोपहर का समय शुभ माना जाता है। इस दौरान एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं फिर उस पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले भगवान की प्रतिमा गंगाजल से पवित्र कर लें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं। भगवान को दुर्वा, रोली, फूल और अक्षत चढ़ाएं। मोदक का भोग लगाएं। गणेश जी की मूर्ति स्थापना के समय वक्रतुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ निर्विघ्नम कुरू मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा।। ॐ गं गणपतये नम:। ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा। ये मंत्र जरूर बोलें।अंत में आरती कर प्रसाद सभी में बांट दें।

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