Ganadhipa Sankashti Chaturthi 2023: इस साल 30 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। ये त्योहार हर साल मार्गशीर्ष मास की चतुर्थी तिथि के दिन मनाई जाती है। मार्गशीर्ष मास का महीना भगवान श्री कृष्ण की भक्ति को समर्पित है। लेकिन इस महीने के पहले त्योहार की शुरुआत भगवान गणेश से होती है। वैसे भी हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता की उपाधि दी गई है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है इसके साथ ही साधक के काम में आ रही सारी बाधा समाप्त हो जाती है। आइए जानते हैं इसकी विधि के बारे में।
गणाधिप संकष्टी चुतुर्थी पूजा विधि ( Ganadhipa Sankashti Chaturthi Puja Vidhi 2023)
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए।स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान गणेश की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद पूजा कक्ष में चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति को अक्षत, कुमकम,दूर्वा अर्पित करें
भगवान गणेश को पूजा की सामग्री अर्पित करने के बाद अगरबत्ती जलाएं और आरती करें।
श्रीगणेश को मोदक बहुत प्रिय है। इस दिन भगवान गणेश को मोदक भोग लगाएं।
संकष्टी चतुर्थी के दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने की प्रथा है।
