अक्सर अच्छे खासे हंसते खेलते परिवार में न जाने कहां से रोग अपने पैर पसार लेते हैं। एक के बाद एक बीमारियां और संकट घर की आर्थिक स्थिति की कमर तोड़ डालते हैं। डॉक्टर, दवा और उपचार के अलावा कुछ और नहीं सूझता। लगता है जैसे किसी की नजर लग गयी हो। हां बेशक एेसा होता भी है। तमाम दवाओें के बाद भी रोग खत्म नहीं होते। एेसे में जरूरी है कि कुछ उपायों को अपनाने की। वो उपाय जो रोगों को ही उल्टी नजर लगा दें।
टोटकों से करें रोगों का उपचार।
सर्वरोग निवारक उपाय
1- उच्च रक्तचाप की शिकायत वाले जातकों को अपने गले में मंत्रसिद्ध चैतन्य पंचमुखी रुद्राक्ष की माला धारण करने से लाभ होगा।
2- सुबह बासी मुंह से थूक को आंख पर लगाने से आंख की सभी बीमारियां दूर होती हैं।
3- आंख और कान की बीच वाली जगह पर चूना रखने से आंख की लालिमा दूर हो जाती है।
4-आधा सीसी का दर्द दूर करने के लिए सफेद गुंजा को पाउडर जैसी पीसकर एवं कपड़छन करके उसमें गंगाजल मिलाकर लुगदी बनाएं और ऊँ ह्लीं फट् स्वाहा नामक इस मंत्र से अभिमंत्रित रोगी को सुघाएं।
5- बकरी का दूध यदि हाथ पैरों पर मला जाए तो अनिद्रा रोग दूर हो जाता है।
6- रविवार या मंगलवार के दिन लकड़ी की नाव की कील का कड़ा बनवाकर हाथ में पहना जाए तो बायगोला का प्रकोप शांत हो जाता है।
7- यदि निम्न रक्त चाप की शिकायत हो तो हर हफ्ते, रविवार या मंगलवार की शाम को बाएं हाथ में मौली बांधें।
8- अवसादग्रस्त व्यक्ति के माथे पर प्रत्येक शनिवार या मंगलवार की शाम हनुमान जी के चरणाें का सिंदूर लगाया जाए तो वह शीघ्र ही सही हो जाता है।
9- सफेद दाग दूर हो जाएं सइके लिए जिस हकीक पर सूर्य अंकित हो वह मंगलवार के दिन गले में धारण करें।
10- पेटदर्द, बदहजमी, गैस या अफरा होने पर तुलसी के सात ताजे पत्रों पर रामदूताय हनुमान, पवनपुत्र हनुमान यह अचूक मंत्र 31 बार फूंक कर पत्ते को रोगी को खिला दें। रोगी पत्ते चबाए नहीं सिर्फ उसका रस लेता रहे। तुरंत लाभ होगा।
यह कुछ अचूक उपाय हैं जिनको अपनाने से संबंधित रोग में शीघ्र आराम मिलता है। यदि स्वयं के मन को साध कर विश्वास के साथ इन उपायों को दवा लेते हुए भी अपनाएंगे तो रोग में राहत पाएंगे।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
