मंगल दोष के कारण जीवन में बढ़ती जा रही है परेशानी, तो इस यंत्र पूजन से दूर होगी समस्या और चमक उठेंगे सितारे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 6, 2023, 12:24 PM IST

Mangal grah dosh: जन्मपत्री में अगर मंगल चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो तो उसे मंगल दोष ही कहते हैं। विवाह में अड़चन और करियर में बाधा आ सकती है मंगल दोष से। हनुमान जी के चरणाें के सिंदूर से लेकर यंत्र तक के उपाय यहां देखें और अपनी जीवन को आगे बढ़ायें।

KEY HIGHLIGHTS
  • मंगल ग्रह दोष हो तो जीवन का मंगल रुकता है
  • मंगल यंत्र की पूजा करने से मिल सकता है लाभ
  • हनुमान जी के पैरों में रखे सिंदूर को लगाएं जरूर

Mangal grah dosh: मंगल ग्रह, जैसा कि नाम से विदित होता है कि जीवन में मंगल का कारक बनता है। यदि मंगल दोष जन्मकुंडली में हो तो व्यक्ति के करियर से लेकर विवाह तक में सिर्फ बाधा ही बाधा आती है। जन्म कुंडली के चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल होने से वो दोष पूर्ण हो जाता है। विवाह के समय वर− वधू की कुंडली में मंगल की दशा जरूर देखते हैं। मान्यता है कि मांगलिक लड़के या लड़की की शादी मांगलिक से ही होनी चाहिए। यहां देखते हैं मंगल ग्रह की शांति के कुछ अचूक उपाय।

Mangal Grah Dosh

मंगल दोष के कारण जीवन में बढ़ती जा रही है परेशानी, तो इस यंत्र पूजन से दूर होगी समस्या और चमक उठेंगे सितारे

मंगल की शांति के चमत्कारी उपाय

  • लाल पुष्पों से मंगल की पूजा करें।
  • वंश वृद्धि के लिए मंगल यंत्र प्राण प्रतिष्ठित कर उसका विधिवत जप और पूजा करें।
  • मंगल दोष में आचार्य शंकर कृत सुब्रह्मण्यम भुजंगस्तोत्र या कार्तिकेय स्तोत्र का पाठ एवं कुमार कार्तिकेय की पूजा लाभदायक रहती है। इसके साथ 11 प्रदोष तिथियों में रुद्राभिषेक करना चाहिए।
  • मंगल दोष निवारण के लिए मंगलवार व्रत सहित मंगल मंत्र का विधिवत अनुष्ठान करना चाहिए।
  • मंगल अशुभ हो तो तिल− गुड़ की रेवड़ियां जल में प्रवाहित करें
  • गायत्री मं का पाठ करें, हनुमान जी को सिंदूर लगाएं और खुद भी हनुमान जी के पैरों में रखे सिंदूर को लगाएं।
  • मंगल को शक्तिशाली बनाने के लिए मंगल यंत्र धारण करें।
  • मंगल पीड़ा की विशेष शांति के लिए बेलपत्र, अटामांसी, मसूली, बकुलचंदन, बला, लाल पुष्प, एवं हिंगुल पंसारी की दुकान से लाकर आठ मंगलवार पानी में डालकर स्नान करें।
  • दुर्गा स्तुति का पाठ या श्रवण करें।
  • महारुद्र या अतिरुद्र का यज्ञ करना चाहिए।
  • मंगल यंत्र को मूंगा सहित गले में धारण करें।
  • 21 मंगलवार, 21 संकष्टी व्रत और 21 विनायकी व्रत करें।
  • लाल रंग का रुमाल सदैव अपने साथ रखें।
  • सामान्य मंगल पीड़ा बजरंग बाण एवं हनुमान जी के मंदिर में दीपदान से भी दूर हो जाती है।
  • शुद्ध चांदी धारण करने से लाभ मिलता है।
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